दिल्ली में बीजेपी सरकार ने महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था, जिसे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, 8 मार्च, को लागू करने का दावा किया गया था। इस योजना को लेकर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया है, और इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर पोस्टर भी लगाए हैं, जिनमें लिखा है “सिर्फ तीन दिन और”, ताकि दिल्ली की जनता को ये याद दिलाया जा सके कि, बीजेपी सरकार ने किस दिन ये वादा किया था।
कौन महिलाएं होंगी पात्र?
बीजेपी सरकार का कहना है कि, ये योजना उन महिलाओं के लिए है जिनकी सालाना आय 3 लाख रुपये से कम है और जो इनकम टैक्स नहीं देतीं। इसके अलावा, वे महिलाएं जो सरकारी नौकरी में नहीं हैं, और सरकारी योजनाओं से किसी तरह की अन्य आर्थिक सहायता नहीं ले रही हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। अनुमानित तौर पर, इस योजना का लाभ 15 लाख से 20 लाख महिलाओं को मिलने की उम्मीद है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के लिए कई बैठकें हो चुकी हैं, और कैबिनेट नोट तैयार किया जा रहा है, जिसे मंत्रिपरिषद से मंजूरी के लिए रखा जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए एक सॉफ्टवेयर भी विकसित किया जा रहा है, ताकि योग्य महिलाओं की पहचान की जा सके और उनके फॉर्मों का सत्यापन किया जा सके।
आम आदमी पार्टी का हमला
आम आदमी पार्टी ने इस योजना के क्रियान्वयन में देरी पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 जनवरी के बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि, बीजेपी की सरकार बनने पर महिला योजनाओं की पहली कैबिनेट बैठक में पारित की जाएगी और 8 मार्च को ही महिला खातों में 2500 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।
अब, जब 8 मार्च पास आ गया है, तो आप ने फ्लाईओवर पर पोस्टर लगाए हैं, जिनमें इस योजना के क्रियान्वयन में विलंब को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
ऋतुराज झा, आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक, ने कहा कि, अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं और दिल्ली की हर महिला अपने बैंक खाते में 2500 रुपये की प्रतीक्षा कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, योजना की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, और जल्दी ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। दिल्ली में 72 लाख से अधिक महिलाएं पंजीकृत मतदाता हैं, और अनुमानित 20 लाख महिलाएं इस योजना के पात्र हो सकती हैं।
दिल्ली में महिलाओं के लिए इस योजना को लेकर चर्चा तेज है, और ये देखना दिलचस्प होगा कि, बीजेपी सरकार इस वादे को कैसे निभाती है और क्या 8 मार्च को महिला दिवस के मौके पर यह राशि महिलाओं के खातों में पहुंच पाती है या नहीं।
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