दिल्ली में हार के बाद भी आम आदमी पार्टी के नेताओं की परेशानी कम नहीं हो रहीं। दरअसल आप नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ FIR दर्ज करने की राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है। ये FIR कथित तौर पर 1,300 करोड़ रुपये के क्लासरूम निर्माण घोटाले की जांच के लिए की जाएगी। बता दें कि 2022 में दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय ने जांच की सिफारिश की थी और अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंप दी थी। बीजेपी के कार्यकर्ता हरीश खुराना, कपिल मिश्रा और नीलकंठ बख्शी ने जुलाई 2019 में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें 12,748 कक्षाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का आरोप लगाया गया था।
किस मामले में होगी FIR ?
बताया जाता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार के वक्त जब मनीष सिसोदिया शिक्षा मंत्री और सत्येंद्र जैन PWD मंत्री थे। तब 12,748 क्लासरूम बनाने का प्रोजेक्ट शुरू हुआ। आरोप है कि इन क्लासरूम को बहुत ज्यादा महंगे दामों पर बनाया गया। एक क्लासरूम बनाने की लागत लगभग ₹24.86 लाख दिखाई गई। जबकि असल में ऐसा क्लासरूम ₹5 लाख में बन सकता था। 12 हजार से ज्यादा क्लासरूम बनाने में कुल मिलाकर, 2,892 करोड़ रु. खर्च हुए। जबकि ये काम बहुत कम पैसों में हो सकता था।
फिर जेल जाएंगे सिसोदिया और जैन ?
अब इस पूरे मामले को क्लासरूम निर्माण में 2000 करोड़ से ज्यादा का घोटाला बताकर केस दर्ज करने की तैयारी है। अगर ऐसा होता है तो एक बार दोबारा से मनीष सिसोदिया और सतेंद्र जैन की गिरफ्तारी हो सकती है। इस मामले में सबसे पहले, दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच ने इस पर जांच की थी। इसके बाद डायरेक्टर ऑफ विजेलेंस ने ACB की रिपोर्ट की जांच की। जांच के दौरान ही गड़बड़ियों का पता चला।
मनीष सिसोदिया ने लगाया आरोप
वहीं अब इस मामले में मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमें किसी भी जांच से डर नहीं, चाहे केंद्र सरकार कितने भी केस कर ले. हम झुकेंगे नहीं. उन्होंने कहा कि BJP राजनीति कर रही है और ये सब AAP नेताओं के खिलाफ बदले की कार्रवाई है।