केंद्र सरकार द्वारा आज लोकसभा वक्फ संशोधन बिल पेश किया गया। संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया। किरेन रिजिजू ने कहा कि इससे अधिक संख्या में आजतक किसी भी बिल पर लोगों की याचिकाएं नहीं आईं। 284 डेलिगेशन ने अलग-अलग कमेटी के सामने अपनी बात रखी है, 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष रखा है। पॉलिसी मेकर्स, विद्वानों ने भी अपनी बात कमेटी के सामने रखी हैं। इस बिल का पॉजिटिव सोच के साथ विरोध करने वाले भी समर्थन करेंगे। यह प्रस्ताव खुले मन से पॉजिटिव नोट के सामने पेश कर रहा हूं. किसी ने असंवैधानिक बताया तो किसी ने नियमविरुद्ध।
वहीं, आज लोकसभा में दोपहर 12 बजे से बहस शुरू होगी। बिल पर बहस के लिए 8 घंटे का समय तय किया गया है। सत्ता पक्ष यानी एनडीए को 4 घंटे 40 मिनट का समय दिया गया है। इसके बाद वोटिंग कराई जाएगी। ये फैसला मंगलवार को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में हुआ, जिसे विपक्षी नेता बीच में ही छोड़कर चले गए थे।
वहीं, विपक्षी नेताओं की मांग है कि, इस बिल पर 12 घंटे बहस होनी चाहिए और सभी सदस्यों को अपनी राय देने के लिए ज्यादा से ज्यादा समय मिलना चाहिए। तो वहीं एनडीए के सहयोगी दलों ने अपने सांसदों को व्हिप का समर्थन करने को कहा है यानि कि लोकसभा ने सरकार को नंबर को लेकर बड़ी चिंता अब खत्म हो गई है। बता दें कि, इस बिल पर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू रात साढ़े 8 बजे अपना जवाब देंगे और उनके जवाब के बाद इस बिल पर वोटिंग कराई जाएगी।
वहीं, इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चर्चा के दौरान सदन में मौजूद रह सकते हैं और जरूरत पड़ने पर बीच-बीच में बहस में हिस्सा ले सकते हैं। वक्फ (संशोधन) बिल पर बोले चिराग पासवान ने कहा कि वक्फ बिल में सकारात्मक बदलाव है। CAA के वक्त भी इसी तरह का भ्रम फैलाया गया था।
सभी राजीनितक दलों ने जारी किया व्हिप
बता दें कि, बीजेपी, टीडीपी, जेडीयू, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत सभी राजनीतिक दलों ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है। इसका मतलब साफ है कि, सभी पार्टियों ने अपने सभी सांसदों को वोटिंग के दौरान सदन में मौजूद रहने का आदेशा दिया है जो सांसद ऐसा नहीं करेगा पार्टी उसके खिलाफ एक्शन ले सकती है।