मुगल शासक औरंगजेब की कब्र को लेकर हुए विवाद ने महाराष्ट्र के नागपुर के महाल में सोमवार की रात दो गुटों के बीच हुआ विवाद हिंसा में बदल गया जिसके बाद महाल के बाद हंसपुरी में भी रात भर हिंसा हुई। दुकानों में तोड़फोड़ की गई और वाहनों में आग लगा दी गई। हिंसा के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
बता दें कि, उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। पत्थरबाजी में डीसीपी समेत कई पुलिस वाले घायल भी हो गए। अब तक 60 से 65 दंगाइयों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, हालात पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने हिंसाग्रस्त इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
आपको बता दें कि, संभाजी नगर में औरंगजेब के मकबरे को लेकर विवाद हो रहा था। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस मकबरे को ध्वस्त करने की मांग कर रहे थे। दोनों समूहों ने सोमवार सुबह नागपुर में भी प्रदर्शन किया था जिसके कुछ घंटों बाद ही हिंसा भड़क उठी।
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 7.30 बजे हिंसा भड़क गई, पुलिस पर पथराव किया गया। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, यह अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए VHP-बजरंग दल द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय की पवित्र पुस्तक को जला दिया गया।
हालांकि बजरंग दल ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों ने औरंगजेब का पुतला जलाया था। वहीं, इस हिंसा में छह लोग और डीसीपी समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. डीसीपी निकेतन पर कुल्हाड़ी से हमला हुआ था।
नागपुर पुलिस का कहना है कि अफवाहों की वजह से झड़प हुई। नागपुर पुलिस के डीसीपी (ट्रैफिक) अर्चित चांडक ने बताया कि घटना गलतफहमी की वजह से हुई लेकिन स्थिति अब नियंत्रण में है। पत्थरबाजी हो रही थी, इसलिए हमने बल प्रयोग किया और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। अपराधियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।