यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के अमेरिका दौरे के दौरान जिस तरह से उनकी डोनाल्ड ट्रंप के साथ ऑन कैमरा तीखी नोकझोंक हो गई, उससे पूरी दुनिया हैरान है। दोनों ही मीडिया से बात करने के लिए बैठे थे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी साथ में थे कि दोनों में बात बिगड़ गई। डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की को बेवकूफ राष्ट्रपति तक कह डाला। जेलेंस्की ने भी डोनाल्ड ट्रंप को सुनाने में कसर नहीं रखी। चलिए सुनाते हैं आपको व्हाइट हाउस में क्या नोकझोंक हुई।
व्हाइट हाउस में ट्रंप और जेलेंस्की की तू तू-मैं मैं
जेडी वेन्सः जंग को कूटनीति के जरिए खत्म किया जाना चाहिए.
जेलेंस्की (थोड़ा उत्तेजित होते हुए): किस तरह की कूटनीति?
जेडी वेन्स: क्या यह तहजीब है कि अमेरिका के ओवल ऑफिस में आकर आप उस सरकार पर हमला कर रहे हैं, जो आपके देश में तबाही को रोकने की कोशिश में लगी है?
जेलेंस्की: चलिए जरा शुरू से बात करते हैं. पहले जंग से. इससे हर किसी को दिक्कत होती है. आपको भी होगी ही. लेकिन आपके पास सुंदर समंदर जो है (मतलब सीमाएं दूसरे देशों से सीधे नहीं टकराती हैं ). अभी महसूस मत कीजिए, लेकिन एक दिन आपको इसका अहसास जरूर होगा.
ट्रंप: मुझे मत समझाइए कि हमें क्या महसूस होगा. हम एक समस्या के समाधान की कोशिश कर रहे हैं. यह मत कहिए कि हमें क्या फील होगा.
जेलेंस्कीः मैं आपसे कुछ नहीं कह रहा हूं. (वह कुछ और भी कहते हैं लेकिन ट्रंप और वेन्स की तेज आवाज में उनकी आवाज दब जाती है )
ट्रंप: हमें मत समझाइए. आप इस हालत में नहीं हैं कि हमें डिक्टेट कर सकें. आप इस हालत में कतई नहीं हैं. और आपको बता दें कि हम बहुत बेहतर और ताकतवर महसूस करते हैं.
वहीं बात यहां तक पहुंची कि जेलेंस्की बिना खाना खाए ही वाइट हाउस से निकल गए। इस घटना के बाद पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। यूरोप के कई देशों ने जेलेंस्की को सही भी ठहराया है और डोनाल्ड ट्रंप के रवैये को गलत करार दिया है। दरअसल नोकझोंक की इनसाइड स्टोरीइस मिनरल डील है। डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया था कि अब फ्री में यूक्रेन को कोई मदद नहीं मिलेगी। मदद के बदले में वह मिनरल डील करना चाहते हैं। डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन अपने दुर्लभ खनिजों पर अमेरिका को अधिकार दे। उनका कहना है कि इसके बादले में अमेरिका कितनी सुरक्षा देगा, इसकी कोई गारंटी नहीं दी जा सकती क्योंकि ये डील उस एवज में होगी जो मदद यूक्रेन को पहले दी गई है। वहीं यूक्रेन रूस के खिलाफ अमेरिका से सैन्य मदद चाहता है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप का रुख इन दिनों रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति ज्यादा नरम नजर आ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यूक्रेन को जो अब तक यूक्रेन की मदद की गई है उसके बदले में 500 अरब डॉलर चाहिए। डील जब 350 अरब डॉलर में फाइनल होने की बात आई तो ट्रंप ने कह दिया कि इसके बदले में यूक्रेन को कुछ मिलेगा नहीं। या यूं कहें कि रूस का समर्थन केवल छोड़ने के लिए डोनाल्ड ट्रंप 350 अरब डॉलर की मांग रख रहे थे।