उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। यहां पर गेहूं के खेत में आराम फरमाता बाघ दिखा। जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने ड्रोन कैमरे से आराम करने टाइगर का वीडियो भी बनाया है। बता दें कि लखीमपुर खीरी के मैलानी बफर जोन में बाघ की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बाघ को सुआबोझ ग्राम पंचायत के कंधईपुर, चाचापुर, कपरहा कुआं और बीडीआर ईंट भट्टे के आसपास देखा जा रहा है। तस्वीरों में देख रहे हो ना।
गेहूं के खेत में टाइगर फरमा रहा आराम
टाइगर कैसे आराम फरमा रहे हैं। जैसे राज ही इनका हो। मस्त पड़े हैं, आराम से, कोई रोक तो दिखाए, फाड़ कर रख देगा। पंगा तो लेकर दिखाए कोई। चाहे किसान की फसल बर्बाद करें या फिर किसानो को ही निपटा दें। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले खुटार-मैलानी मार्ग पर राहगीरों ने बाघ का वीडियो बनाया था। मंगलवार को बाघ कपरहा कुआं के पास गेहूं के खेत में आराम फरमाता नजर आया। बुधवार शाम करीब पांच बजे बाघ ने कंधईपुर निवासी शंकर की बकरी का शिकार कर लिया।
खुटार के जंगल से आया बाघ
लोगों के शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर भाग गया। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। टीम में फॉरेस्टर कामता वर्मा, फॉरेस्ट गार्ड ब्रजेश शुक्ला, वन दरोगा अरुण कुमार, प्रदीप कुमार पांडे, राहुल वर्मा और अनिल कुमार शामिल हैं। मैलानी वन रेंजर साजिद हसन के अनुसार, गुरुवार सुबह बाघ की मौजूदगी खुटार क्षेत्र से 200 मीटर की दूरी पर देखी गई। वन विभाग का मानना है कि बाघ खुटार के जंगल से आया है और संभवतः वापस लौट जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को जंगल के रास्ते से गुजरने से मना किया जा रहा है।
पहले भी बाघ ने किया था हमला
बता दें कि इससे कुछ दिन पहले भी संपूर्णानगर वन रेंज के थाना हजारा के मरौनिया गांधीनगर में बाघ ने एक बछड़े को अपना शिकार बना लिया। घर के बाहर बंधा बछड़ा रात करीब 3 बजे चिल्लाया। जब लोग बाहर निकले तो पड्डा गायब था। ग्रामीणों को पता चला कि बाघ बछड़े को गन्ने के खेत में खींच ले गया है। इसकी सूचना तुरंत प्रधान और वन विभाग को दी गई। लेकिन वन विभाग की टीम 5 घंटे बाद सुबह 9 बजे मौके पर पहुंची। टीम के पास न तो ड्रोन था और न ही पिंजरा। अधिकारी सिर्फ डंडे और बंदूक लेकर आए। उन्होंने ग्रामीणों को खेत में जाने से मना कर दिया। दोपहर 2 बजे तक टीम ट्रैक्टर का इंतजार करती रही। मझगईं से जाली लगे ट्रैक्टर की मांग की गई। स्थानीय निवासी रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में बाघ और तेंदुए अक्सर पालतू जानवरों का शिकार करते हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहता है।