उत्तर पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के प्रत्याशी कन्हैया कुमार के साथ चुनाव प्रचार के दौरान मारपीट हुई. इस दौरान माला पहनाने के बहाने आए युवकों ने कन्हैया कुमार को थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद मौके पर अफरातफरी मच गई. ये घटना उत्तर पूर्वी दिल्ली के थाना उस्मानपुर इलाके के करतार नगर में हुई. इस दौरान आम आदमी पार्टी की महिला पार्षद छाया शर्मा के साथ भी बदसलूकी हुई है. महिला पार्षद ने पुलिस में शिकायत दी है. कन्हैया पर हमला करने वाले आरोपियों के नाम दक्ष उर्फ दक्ष चौधरी और अन्नू चौधरी है. ये दोनों खुद को गौरक्षक बताते हैं.

इस दौरान आजतक से बातचीत में दोनों ने कहा कि उन्हें कन्हैया पर हमला करने का कोई अफसोस नहीं है. इतना ही नहीं, इन्होंने बताया कि घटना को लेकर पुलिस ने इनसे कोई संपर्क नहीं किया है औऱ यदि पुलिस बुलाती है तो वह खुद ही थाने जाकर सरेंडर कर देंगे. उन्होंने कहा कि जिस दिन से कन्हैया का भाषण सुना था, तय कर लिया था कि इसको तमाचा मारना है. इसने जेएनयू में क्या नारा लगाया था, सबने देखा था. अफजल के समर्थन में नारे लगाता था, सेना के खिलाफ नारे लगाता था. कन्हैया ने भारत तेरे टुकड़े होंगे का नारा लगाया, देश के टुकड़े करने की बातें करता है.

दोनों आरोपियों ने आरोप लगाया कि कन्हैया सेना का अपमान करता है. कन्हैया का मोबाइल पर भाषण दिखाते हुए इन्होंने कहा कि कन्हैया ने भाषण में बोला कि सेना के जवान कश्मीर में बलात्कार करते हैं, ऐसे आदमी को तो हम जरूर सबक सिखाएंगे. कश्मीर में रोज एक सेना का जवान शहीद होता है और ये सेना का अपमान करता है. हम प्लानिंग के तहत गए थे. हम सिर्फ स्याही फेंकने और तमाचा मारने गए थे. भीड़ ने मेरा सिर फोड़ा , हमने वहां पर्चे भी फेंके थे. हमें कोई अफसोस नहीं है, देश की रक्षा करना हमारा फर्ज है.

उन्होंने कहा कि पुलिस और कोर्ट पर हम निर्भर नहीं रहेंगे, ऐसे देशद्रोही को सबक सिखाएंगे. कन्हैया पर हमला करना कानून तोड़ना नहीं है. टुकड़े-टुकड़े का नारा लगाने वाला और सेना का अपमान करने वाला क्या अब संसद जाएगा? हमारा किसी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है और और न हमने किसी के कहने पर काम किया है. मनोज तिवारी के साथ कभी कोई फोटो होगी तो होगी, हमें याद नहीं. हम गौ रक्षा का काम करते हैं. लोग आते रहते हैं. हम अपने आप ने खुद सक्षम हैं, हमने कोई लाइम लाइट पाने के लिए ये सब नहीं किया है. यकीन न हो तो हमारा सोशल मीडिया देख को बहुत फॉलोअर्स हैं हमारे. पुलिस ने हमसे अभी तक संपर्क नहीं किया है. पुलिस बुलाएगी हम खुद जाकर सरेंडर कर देंगे. हमें कोई अफसोस नहीं है.

बता दें कि आरोपी दक्ष चौधरी गौरक्षक होने का दावा तो करता ही है, साथ में ऑनलाइन कपड़े का काम भी करता है. वहीं आरोपी अन्नू चौधरी गौरक्षक होने के अलावा कोई काम नहीं करता है. दोनों दिल्ली के रहने वाले हैं. दोनों का कहना है वह 3-4 गौशाला चला रहे हैं. गौरक्षा के लिए और धर्म के लिए काम कर रहे हैं. दक्ष के इंस्टाग्राम पर करीब 4 लाख फॉलोअर्स हैं तो वहीं अन्नू चौधरी के इंस्टाग्राम पर 12.4 हजार फॉलोअर्स हैं. दोनों को गाजियाबाद पुलिस एक बार शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है.

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