न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक जिस को रिजर्व बैंक ने बैन किया है …उस बैंक में दावा किया जा रहा है की प्रीति जिंटा का 18 करोड़ का लोन चल रहा था…वहीं ताजा रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बैंक ने उनका लोन माफ़ कर दिया है…तो चलिए ऐसे में आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?
क्या है पूरा मामला?
दअरसल बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने काफी समय से फिल्मों से दूरी बना लिया है।और वह अपना सारा समय अपने बिजनेस, सोशल मीडिया और आईपीएल को दे रहीं है। जो कि अब उनके कमाई का जरीया है । और उनके पास करोड़ों की दौलत है। वहीं, उन्होंने साल 2016 में बिजनेसमैन जीन गुडइनफ से शादी कर ली जो कि लॉस एंजिल्स बेस्ड फाइनेंस एनालिस्ट हैं । लेकिन अब अचानक प्रिति जिंटा सुर्खीयों में आ गई है । दअरसल कुछ समय पहले प्रिति जिंटा ने एक पोस्ट शेयर कर कहा था कि । सोशल मीडिया पर लोगों के साथ क्या हो रहा है? हर कोई इतना सनकी हो गया है. यदि कोई एआई बॉट के साथ अपनी पहली चैट के बारे में बात करता है तो लोग मानते हैं कि यह एक भुगतान किया गया प्रचार है, यदि आप अपने प्रधान मंत्री की सराहना करते हैं तो आप एक भक्त हैं और भगवान न करे, यदि आप एक गौरवान्वित हिंदू या भारतीय हैं तो आप एक अंध भक्त हैं! आइए इसे वास्तविक बनाए रखें और लोगों को वैसे ही लें जैसे वे हैं, न कि वह जो हम सोचते हैं कि उन्हें होना चाहिए! शायद हम सभी को आराम की गोली लेने की ज़रूरत है और बस एक-दूसरे के साथ संवाद करके खुश रहना चाहिए ।
प्रिति जिंटा ने क्या कुछ कहा ?
इस पोस्ट के बाद से सोशल मिडिया पर खबर चलने लगी की उनके नाम पर 18 करोड़ रुपये का लोन था, जो संकटग्रस्त न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने माफ कर दिया है।जिसके बाद प्रीति जिंटा ने एक बयान में इन आरोपों का खंडन किया और इस मामले पर अपनी सफाई पेश की । बता दें, ये विवाद तब शुरू हुआ जब मीडिया रिपोर्ट्स में बैंक में बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल मिसमैनेजमेंट और कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया जिसके चलते RBI ने इस बैंक के संचालन पर बैन लगा दिया.रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रांच मैनेजर की जानकारी के बिना बैंक से 25 करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट लोन मंजूर किए गए थे। इनमें से कई लोन कथित तौर पर फंड डाइवर्जन कारण एक साल के अंदर नॉन परफार्मिंग असेस्ट्स में बदल गए।वहीं, सबसे हाई-प्रोफाइल मामलों में से एक में बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा का भी कथित तौर पर इस बैंक में 18 करोड़ रुपये का लोन शामिल था. रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह लोन प्रॉपर रिकवरी प्रोसीजर का पालन किए बिना लिया गया था।
सुत्रो के मुताबिक, प्रीति जिंटा ने आरोपों के बीच अपनी लीगल टीम के जरिए पोर्टल को एक बयान जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि 12 साल से ज्यादा समय पहले, उनके पास न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक के साथ एक ओवरड्राफ्ट सुविधा थी। 10 साल से ज्यादा समय पहले, उन्होंने इस ओवरड्राफ्ट सुविधा के संबंध में सभी बकाया राशि पूरी तरह से चुका दी थी और अब अकाउंट बंद हो गया है । हालांकी कहा जा रहा है कि इस मामले को लेकर प्रिति जिंटा मानहानी का केस भी कर सकती है।