यीशू-यीशू वाले ईसाई धर्मगुरु पादरी बजिंदर सिंह को रेप केस में दोषी पाय जाने के बाद उसे सजा सुनाई गई। मोहाली की जिला अदालत ने बजिंदर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 3 दिन पहले मोहाली कोर्ट ने दोषी करार दिया था। जिसके बाद उसे पटियाला जेल भेज दिया गया था। ये सजा ऐसे समय में दी गई है जब पादरी 28 फरवरी को दर्ज यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में जांच का सामना कर रहा है

क्या था पूरा मामला ?

मामला 2018 का है, जब जीरकपुर की एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि बजिंदर ने उसे विदेश में सेटल कराने के बहाने उसका यौन शोषण किया। महिला ने दावा किया था कि बजिंदर ने अपने फोन में उसका एक अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था और धमकी दी कि अगर वह उसकी मांगें नहीं मानेगी तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देगा। इस मामले में बजिंदर जमानत पर बाहर था। जब यह घटना हुई थी उस वक्त पीड़िता नाबालिग थी। इसलिए मामला पॉक्सो (POCSO) कोर्ट में चल रहा था। जीरकपुर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर चमत्कार के जरिए बीमारियों को ठीक करने का दावा करने वाले जालंधर के पादरी बजिंदर सिंह समेत कुल 7 लोगों पर केस दर्ज किया था। अन्य आरोपियों को सबूतों के आभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया। पुलिस ने चार्जशीट में कहा था कि ताजपुर गांव में स्थित ‘द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विज्डम’ के पादरी बजिंदर सिंह ने जालंधर में नाबालिग पीड़िता के साथ गलत हरकतें की थीं।

साइको है पादरी बजिंदर: पीड़िता

पीड़िता के वकील एडवोकेट अनिल सागर ने बताया कि बजिंदर सिंह एक आध्यात्मिक नेता के रूप में लोकप्रिय है। जब इस तरह का अपराध ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है, तो उसे कठोर सजा मिलनी चाहिए। पादरी को दोषी करार दिए जाने के बाद पीड़िता मीडिया के सामने आई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि दोषी पादरी बजिंदर सिंह एक साइको है। अगर वो जेल से बाहर आएगा तो फिर से अपराध करेगा। इसलिए लो चाहती है कि वो हमेशा जेल में ही रहे। पीड़िता के मुताबिक ये उसके अकेले की जीत नहीं है। ये कई लड़कियों ने जीत हासिल की है। अब कई लोग सामने आएंगे। बहुत सारी लड़कियां और लड़के भी बजिंदर सिंह के कब्जे से आजाद होंगे। पीड़िता ने पंजाब पुलिस  से परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है…

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