हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मीडिया कोऑर्डिनेटर अशोक छाबड़ा ने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता एक ऐसा माध्यम है, जो समाज में उम्मीद, प्रेरणा और रचनात्मकता को बढ़ावा देता है। यह नकारात्मकता और सनसनीखेज खबरों के बजाय उन “विषयों” पर केंद्रित होती है जो मानवीय मूल्यों, उपलब्धियों और समाधानों को उजागर करती हैं। इसलिए हमें जो समाचार समाज को मजबूती के साथ जोड़ने का काम करता हो उसे पर हमें तथ्यात्मक रूप से मजबूत तथ्यों के साथ रिपोर्टिंग करनी चाहिए। समाज में बदलाव के लिये सरकार के साथ-साथ मीडिया और अखबारों की भी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में विकास की जिस पहल को मनोहर लाल जी ने शुरू किया था, आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी उसमें हर रोज नए कीर्तिमान बना रहे हैं। अशोक छाबड़ा जींद के विश्रामगृह में “मीडिया क्लब” की परिचय पत्रिका के विमोचन करने के बाद अपने पत्रकार साथियों से संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर जींद के सभी पत्रकार साथी कार्यक्रम में उपस्थित थे। कार्यक्रम में अशोक छाबड़ा को दोबारा मुख्यमंत्री का मीडिया कॉर्डिनेटर बनने व हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के मीडिया कोऑर्डिनेटर सन्नी मग्गू को पत्रकारों द्वारा सममानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मीडिया क्लब जींद प्रधान सुरेंद्र कुमार ने की। कार्यक्रम में डीआईपीआरओ कृष्ण कुमार भी मौजूद रहे।
मीडिया क्लब जींद के प्रधान सुरेंद्र कुमार ने कहा कि आज पत्रकारों के समक्ष कई तरह की चुनौतियां हैं। बावजूद इसके सभी पत्रकार अपने पत्रकारिता धर्म को अच्छे से निभा रहे हैं। कार्यक्रम में मांग की गई कि क्लब के लिए सरकार द्वारा जगह मुहैया करवाई जाए ताकि क्लब का अपना एक कार्यालय हो। इसके अलावा पत्रकारों को कई बार टोल से होकर गुजरना होता है तो पत्रकारों के टोल पास बनवाए जाएं ताकि उन्हें टोल से गुजरने पर किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
सकारात्मक पत्रकारिता का महत्व
मुख्यमंत्री मीडिया कॉर्डिनेटर अशोक छाबड़ा ने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता लोगों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है। मिसाल के तौर पर, किसी छोटे शहर के युवा की कहानी जो अपनी मेहनत से तकनीकी नवाचार लाया, दूसरों को भी कुछ नया करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। नकारात्मक खबरों के बीच सकारात्मक पत्रकारिता एक संतुलन बनाती है, जिससे लोगों का भरोसा व्यवस्था और मानवता में बना रहता है। हाल ही में भारत के किसी गांव ने पूरी तरह से सौर ऊर्जा को अपनाकर बिजली की समस्या हल कर ली। ऐसी खबरें न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि दूसरों के लिए मिसाल भी बनती हैं। मीडिया कॉर्डिनेटर अशोक छाबड़ा ने कहा कि कोई शिक्षक जो ऑनलाइन मुफ्त शिक्षा देकर लाखों बच्चों तक पहुंचा,उसकी कहानी आज के डिजिटल युग में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक हो सकती है। 2025 में, जब दुनिया तेजी से बदल रही है-तकनीक, जलवायु परिवर्तन और सामाजिक मुद्दों के बीच-लोगों को ऐसी खबरों की जरूरत है जो उन्हें हताश न करें, बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा दें। उदाहरण के लिए, यदि कोई स्टार्टअप महिलाओं को रोजगार देने में सफल हो रहा है, तो यह नारी सशक्तिकरण और आर्थिक विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। सकारात्मक पत्रकारिता का मतलब केवल “अच्छी खबरें” देना नहीं है, बल्कि सच को इस तरह पेश करना है कि वह लोगों में ऊर्जा और विश्वास जगाए। आज के दौर में, जब सोशल मीडिया के एक वर्ग में नकारात्मकता का बोलबाला है, ऐसे में सकारात्मक पत्रकारिता एक रोशनी की वह किरण है,जो समाज को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। हाल ही में हिसार जिले के एक गांव में लोगों ने एक बंद सरकारी स्कूल को अत्याधुनिक निःशुल्क पुस्तकालय में बदल दिया। यह सामुदायिक सहयोग और शिक्षा के प्रति जागरूकता का शानदार उदाहरण है। ऐसी खबरें नई पीढ़ी को प्रेरित करती हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव को दर्शाती हैं।
हरियाणा सरकार का पत्रकारों के प्रति मित्रता का भाव
मीडिया कॉर्डिनेटर अशोक छाबड़ा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पत्रकारों को समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए उनके कल्याण और सम्मान के लिए कई सकारात्मक नीतियां लागू की हैं। ये कदम न केवल उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करते हैं, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को भी प्रोत्साहित करते हैं। सरकार ने पत्रकारों के हित में समय-समय पर कई नीतिगत और सकारात्मक कदम उठाए हैं, जो उनकी सुरक्षा, सम्मान और कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं।
स्वास्थ्य बीमा सुविधा,पेंशन योजना,प्रेस मान्यता और सुविधाएं के साथ-साथ आवास और अन्य सहायता
हरियाणा सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सरकारी कर्मचारियों के समान स्वास्थ्य बीमा सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया। जिसमें पत्रकारों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। यह कदम पत्रकारों के स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी राहत है। सरकार ने वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन योजना लागू की है। इसके तहत, 60 वर्ष से अधिक आयु के पात्र पत्रकारों को मासिक पेंशन प्रदान की जाती है, जो उनकी आजीविका को सहारा देती है। यह योजना खास तौर पर उन पत्रकारों के लिए लाभकारी है जो सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं। हरियाणा सरकार ने पत्रकारों को प्रेस मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया है। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सरकारी कार्यक्रमों में भागीदारी, परिवहन सुविधाएं और अन्य लाभ दिए जाते हैं, जिससे उनका कार्य आसान होता है। कुछ मामलों में, सरकार ने पत्रकारों के लिए किफायती आवास योजनाओं को बढ़ावा दिया है। साथ ही, आपात स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करने की व्यवस्था भी की गई है, जैसे कि कोविड-19 महामारी के दौरान पत्रकारों को राहत पैकेज दिए गए थे।
नायब सिंह सैनी का “नायाब बजट “
मीडिया कॉर्डिनेटर अशोक छाबड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने “नायाब बजट” के रूप में प्रस्तुत किया। यह बजट राज्य के विभिन्न वर्गों-महिलाओं, युवाओं, किसानों, और गरीब परिवारों-के लिए कई सकारात्मक पहल लेकर आया है।
महिलाओं के लिए लाडो लक्ष्मी योजना
मीडिया कॉर्डिनेटर अशोक छाबड़ा ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए “लाडो लक्ष्मी योजना” शुरू की गई है, जिसमें पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके लिए बजट में 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है और खासकर आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाएगी। बजट हरियाणा को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए समावेशी और प्रगतिशील दृष्टिकोण अपनाता है। महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों पर विशेष ध्यान देते हुए यह शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने का वादा करता है। ये कदम न केवल आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देंगे, बल्कि सामाजिक उत्थान में भी योगदान देंगे।