Indore News : चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया की जीत के बाद निकले जुलूस में हिंसा भड़क उठी। पत्थरबाजी हुई और कई वाहनों व दुकानों में आग लगा दी गई। अब आर्मी ने मोर्चा संभाल लिया है लेकिन कई क्षेत्रों में अभी भी दहशत है। लोग घरों में दुबके हुए हैं।
घटना रविवार रात करीब 10 बजे की है जब भारत की चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बाद करीब 100 लोग बाइक पर सवार होकर जुलूस निकाल रहे थे। जुलूस के दौरान लोग धार्मिक नारे लगा रहे थे। जब जुलूस जामा मस्जिद के पास पहुंचा तो धार्मिक नारे लगाने और आतिशबाजी को लेकर विवाद हुआ। विवाद के बाद कुछ लोग आपस में भिड़ गए और फिर पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद स्थिति और बिगड़ी और हिंसा ने तेज़ी पकड़ ली।
विवाद के बाद, उपद्रवी पत्ती बाजार, कोतवाली और अन्य इलाकों में गए और वहां दुकानों, वाहनों में आग लगा दी। पेट्रोल बम भी फेंके गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। पत्ती बाजार, बतख मोहल्ला और धानमंडी क्षेत्र में कई वाहनों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई और आगजनी की गई। इस दौरान करीब 12 बाइक और दो कारों को आग के हवाले कर दिया गया।
जैसे ही हिंसा बढ़ी, महू के कलेक्टर आशीष सिंह और डीआईजी निमिष अग्रवाल ने रात करीब डेढ़ बजे शहर का दौरा किया। वे सड़कों पर पैदल घूमकर स्थिति का जायजा ले रहे थे। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया और कई क्षेत्रों में लाठीचार्ज किया। इसके बाद भी स्थिति नियंत्रण में नहीं आई, तो आर्मी की क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) को बुलाया गया। करीब ढाई घंटे बाद स्थिति को काबू किया जा सका।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया और कई वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें उपद्रवी पत्थरबाजी और आगजनी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने अब तक किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया है, लेकिन आरोपियों की पहचान कर रही है। कलेक्टर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में हिंसा हुई, वहां कोई रैली नहीं निकाली गई थी और यह हिंसा योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि इस हिंसा में पांच से छह लोग घायल हुए हैं। स्थिति फिलहाल काबू में है, लेकिन कई क्षेत्रों में अभी भी दहशत बनी हुई है।