बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमला बोला है। इस पोस्ट में उन्होंने वक्फ बिल को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। खासकर उन्होंने वक्फ संपत्तियों की रक्षा में अपने योगदान का जिक्र करते हुए बीजेपी और संघी विचारधारा पर कड़ी आलोचना की है।
लालू प्रसाद यादव ने पोस्ट में लिखा, “संघी-भाजपाई नादानों, तुम मुसलमानों की जमीनें हड़पना चाहते हो, लेकिन हमने सदा वक्फ की जमीनें बचाने के लिए कड़ा कानून बनाया है और बनवाने में मदद की है।” यह बयान केंद्र सरकार की वक्फ संशोधन बिल के संदर्भ में दिया गया है, जिसे लेकर विरोधी दलों ने आरोप लगाया है कि यह विधेयक मुसलमानों और उनकी संपत्तियों के अधिकारों पर चोट कर सकता है।
लालू प्रसाद यादव ने आगे कहा, “मुझे अफसोस है कि इस कठिन दौर में, जब अल्पसंख्यकों, गरीबों, मुसलमानों और संविधान पर चोट हो रही है, मैं संसद में नहीं हूं। अन्यथा अकेला ही काफी था।” उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि वे अभी भी संसद में मौजूद नहीं होने के बावजूद अपनी विचारधारा और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
इस पोस्ट में लालू ने यह भी उल्लेख किया कि उनके लिए जीवन की सबसे बड़ी पूंजी उनकी विचारधारा, नीति, और सिद्धांत हैं। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि वे बीजेपी और मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी विचारधारा से लड़ने के लिए तैयार हैं।
वहीं, केंद्र सरकार और बीजेपी इस वक्फ संशोधन बिल को देशहित में और वक्फ संपत्तियों के उचित प्रबंधन के लिए जरूरी मानते हैं। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि यह विधेयक जमीन माफिया पर कड़ी रोक लगाने के लिए लाया गया है। उनका कहना था कि मौजूदा वक्फ कानून का दुरुपयोग हो रहा था, जिससे मुसलमानों को नुकसान हो रहा था और भूमि माफियाओं को लाभ मिल रहा था।
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे इस बिल का विरोध कर मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए इस विधेयक को लेकर व्यापक चर्चा कर रही है, जिसमें एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक भी हुई थी।”
इस विधेयक के जरिए सरकार का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, लेकिन विपक्ष इसे एक सत्ता की चाल मानता है, जिसका मकसद अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कम करना है।
लालू प्रसाद यादव का यह हमला केंद्र सरकार और बीजेपी की वक्फ बिल नीति के खिलाफ उनकी कड़ी आलोचना को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह विधेयक मुसलमानों के अधिकारों पर हमला है, जबकि सरकार का कहना है कि यह विधेयक देशहित में और वक्फ संपत्तियों के उचित प्रबंधन के लिए जरूरी है। यह राजनीतिक विवाद आगे बढ़ने की संभावना है, जिसमें दोनों पक्ष अपनी बात को सही ठहराने के लिए संघर्ष करेंगे।
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