केजरीवाल

दिल्ली में अपनी खोई हुई जमीन तलाशने के लिए आम आदमी पार्टी ने इसकी जिम्मेदारी अपने युवा नेता सौरभ भारद्वाज के कंधों पर डाली है। दरअसल दिल्ली में आम आदमी पार्टी की PAC की बैठक हुई जिसमे पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीनियर नेताओं ने तमाम राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारियों की नियुक्ति की। दिल्ली के लिए आम आदमी पार्टी ने सौरभ भारद्वाज की जिम्मेदारी लगाई है और उन्हे दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का काम सौंपा गया है।

बता दें कि, सौरभ भारद्वाज दिल्ली सरकार में मंत्री रहे चुके है लेकिन इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में सौरभ भारद्वाज ग्रेटर कैलाश सीट चुनाव हार गए थे जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म YOUTUBE पर बेरोजगार नेता के नाम से एक चैनल खोला था और वो लगातार दिल्ली वासियों और अलग-अलग विषयों पर अपनी बात अपने YOUTUBE चैनल के जरिए रखते थे लेकिन अब दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष उन्हे बनाया गया है साथ ही आम आदमी पार्टी की PAC की बैठक में चार राज्यों में प्रभारी और 2 राज्यों में अध्यक्ष बनाए गए। महराज मलिक को जम्मू कश्मीर का अध्यक्ष बनाया गया, पंकज गुप्ता गोवा का प्रभारी बनाया गया, गोपाल राय को गुजरात का प्रभारी, मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी और संदीप पाठक को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है।

दिल्ली में अभी तक प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका गोपाल राय निभा रहे थे लेकिन अब उन्हे गुजरात शिफ्ट किया गया है और सौरभ भारद्वाज को उनकी जगह नियुक्त किया गया है लेकिन क्या भारद्वाज पार्टी के लिए कुछ कमाल कर पाएंगे क्योंकि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी एक समय पर सबसे बड़ी पार्टी थी लगातार विधानसभा चुनाव में जीत 10 सालों से ज्यादा समय से दिल्ली में सरकार चलाई लेकिन इस बार 2025 के विधानसभा चुनाव में केजरीवाल भी अपनी सीट हारे साथ ही पार्टी के कई सीनियर नेता जिसमे सौरभ भारद्वाज का नाम भी शामिल था लेकिन अब देखना होगा सौरभ भारद्वाज कैसे संगठन को दिल्ली में फिर से खड़ा करेंगे क्योंकि मौजूदा वक्त में आम आदमी पार्टी की अगर बात करे तो पार्टी सत्ता से बाहर होने के पार्टी कार्यकर्ता भी सीनियर नेताओं से नाराज चल रहे है और कई बड़े नेताओं ने बीजेपी ज्वाइन की थी लेकिन क्या सौरभ भारद्वाज अरविंद केजरीवाल को फिर से किंग बनाने में उनकी मदद कर पाएंगे क्योंकि अरविंद केजरीवाल जानते है 27 सालों बाद बीजेपी की सत्ता में वापसी हुई है और बीजेपी इस मौके को इतनी आसानी से नहीं जाने देने वाली।.

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