हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने किसानों से संबंधित तीन कृषि कानूनों के समर्थन में बयान दिया था, जिसे लेकर बीजेपी नेताओं के बीच विवाद खड़ा हो गया है। कंगना ने इन कानूनों को सही ठहराते हुए मांग की थी कि इन्हें वापस लाया जाए। उनके इस बयान के बाद पार्टी के अंदर ही असहमति और आलोचना की आवाजें उठने लगीं।

कंगना रनौत का बयान

कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कृषि कानूनों के समर्थन में बयान दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह इन कानूनों को किसानों के हित में मानती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की चिंताओं को समझना आवश्यक है, लेकिन कानूनों के लाभ भी बताए। इस बयान ने न केवल राजनीतिक हलचल पैदा की, बल्कि किसानों के आंदोलन के संदर्भ में भी नई बहस छेड़ दी।

बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया

बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कंगना के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कंगना बीजेपी की ओर से ऐसा बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। गौरव भाटिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “कंगना का बयान उनके निजी विचार हैं और यह बीजेपी के दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व नहीं करता। हम इस बयान को अस्वीकार करते हैं।”

भाटिया के इस बयान ने पार्टी के अंदर कंगना के प्रति एक स्पष्ट दूरी बनाने का संकेत दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कंगना का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, लेकिन इसे पार्टी के आधिकारिक दृष्टिकोण के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

पार्टी के भीतर असहमति

कंगना के बयान के बाद, बीजेपी के कुछ नेताओं ने उनकी टिप्पणियों पर निंदा करना शुरू कर दिया। यह दिखाता है कि पार्टी में कंगना की लोकप्रियता और उनके विचारों के प्रति अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। कुछ नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि ऐसे बेतुके बयानों से पार्टी की छवि को नुकसान हो सकता है।

कंगना का स्पष्टीकरण

कंगना ने अपने बयान के बाद स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसानों की भलाई है और उन्होंने केवल अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है और उन्हें किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं देखा जाना चाहिए।

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