जयपुर पुलिस ने हाल ही में IITian बाबा, अभय सिंह, को हिरासत में लिया है, जो सोशल मीडिया पर आत्महत्या की धमकी देने के बाद सुर्खियों में आए थे। घटना ने न केवल पुलिस को सतर्क किया बल्कि यह मामले की गंभीरता को भी उजागर किया। अभय सिंह, जो अपने विशेष नाम “IITian बाबा” से जाने जाते हैं, ने सोशल मीडिया पर एक संदेश पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी समाप्त करने की धमकी दी थी। इस धमकी के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनकी लोकेशन को ट्रेस किया और उन्हें जयपुर के रिद्धि-सिद्धि इलाके स्थित एक होटल से पकड़ा।
क्या है पूरा मामला
पुलिस ने होटल के कमरे की तलाशी ली, जहां से उन्हें गांजा और अन्य नशीले पदार्थ मिले। इसके बाद पुलिस ने बाबा को थाने ले जाकर मामले की जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बाबा ने आत्महत्या की धमकी क्यों दी, साथ ही उन नशीले पदार्थों का स्रोत भी पता लगाया जा रहा है। इस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या बाबा के खिलाफ पहले से कोई अन्य मामले दर्ज हैं।
अभय सिंह ने अपनी गिरफ्तारी के बाद दावा किया कि जो गांजा मिला है, उसे उन्होंने “प्रसाद” के रूप में बताया। उनका कहना था कि यह बहुत सामान्य बात है और इसे लेकर कोई केस नहीं बनता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुंभ मेला जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में लाखों लोग इसे पीते हैं, तो क्या उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा? उन्होंने भारत में गांजे के सेवन को आम मानते हुए इसे ‘अंडरस्टुड’ (समझा हुआ) बताया। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत एफआईआर दर्ज की है और जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
पुलिस इस मामले में और भी विस्तार से जांच कर रही है, खासकर इस बात की कि अभय सिंह के पास से मिले नशीले पदार्थों का स्रोत क्या है। इस समय, पुलिस को यह भी देखना है कि क्या बाबा के पास पहले भी कोई आपराधिक इतिहास था या यदि उन्होंने कोई अवैध गतिविधि की है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि यह मामला केवल एक आत्महत्या की धमकी से जुड़ा है या इसमें कुछ और गंभीर पहलू भी हो सकते हैं।
यह घटना समाज में नशे की प्रवृत्तियों और उनकी कानूनी स्थिति पर भी एक बड़ा सवाल उठाती है। पुलिस द्वारा की जा रही जांच से यह उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में सबूतों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी और इस प्रकार के घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।