भारतीय क्रिकेट में चयन संबंधी फैसले हमेशा चर्चा का विषय रहते हैं, और हाल ही में भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले एक ऐसा ही निर्णय चर्चा का कारण बना है। भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने हार्दिक पांड्या को टी20 टीम का उपकप्तान नहीं बनाने का फैसला लिया है, जिसे लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिनेश कार्तिक ने तीखी आलोचना की है।
हार्दिक पांड्या को उपकप्तान क्यों नहीं बनाया गया?
रोहित शर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद यह माना जा रहा था कि हार्दिक पांड्या इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार होंगे। हार्दिक के पास कड़ी मेहनत, अनुभव और नेतृत्व के गुण हैं, जो उन्हें टीम इंडिया के भविष्य के कप्तान के रूप में उभारते हैं। उन्होंने कई द्विपक्षीय सीरीजों में कप्तानी की है और विशेष रूप से 2022 टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था, जिससे उन्हें कप्तानी की ओर एक मजबूत दावेदार माना जा रहा था।
लेकिन, चयनकर्ताओं ने हार्दिक पांड्या को उपकप्तान के रूप में नहीं चुना और यह सवाल उठने लगा कि ऐसा क्यों हुआ? चयनकर्ताओं ने सूर्यकुमार यादव को उपकप्तान की जिम्मेदारी सौंपी, जो एक अप्रत्याशित कदम था। सूर्यकुमार यादव ने भी अपनी बल्लेबाजी से भारतीय टीम को कई महत्वपूर्ण मैचों में जीत दिलाई है, लेकिन हार्दिक के अनुभव और उनकी स्थिति को देखते हुए उनका उपकप्तान बनने से इंकार करना कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था।
कार्तिक का नाराजगी भरा बयान
पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने इस निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि हार्दिक पांड्या को उपकप्तान क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और टीम ने भी अच्छे परिणाम दिए हैं। इस फैसले के पीछे कोई ठोस कारण नजर नहीं आता है।” कार्तिक का यह बयान इस तथ्य को सामने लाता है कि हार्दिक ने टीम को अपनी नेतृत्व क्षमता से सफलताएँ दिलाई हैं, और इस लिहाज से उन्हें उपकप्तान की जिम्मेदारी देना एक स्वाभाविक कदम माना जा सकता था।
टी20 वर्ल्ड कप 2022 के सेमीफाइनल में भारतीय टीम के बाहर होने के बाद हार्दिक पांड्या को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तब से लेकर अब तक, हार्दिक ने 16 टी20 मैचों में भारत की कप्तानी की है, जिसमें से 11 मैचों में भारत को जीत मिली, जबकि 5 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। इस प्रकार, हार्दिक के नेतृत्व में टीम का रिकॉर्ड सकारात्मक रहा था। फिर भी, चयनकर्ताओं ने उन्हें उपकप्तान बनाने से मना कर दिया और यह सवाल पैदा होता है कि क्या उनका रिकॉर्ड और प्रदर्शन पर्याप्त नहीं था?
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी
टी20 क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव की बढ़ती लोकप्रियता और उनके द्वारा किए गए बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए, चयनकर्ताओं ने उन्हें उपकप्तान बनाने का निर्णय लिया। सूर्यकुमार ने कई मौकों पर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से टीम इंडिया को संकट से उबारा है। श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में टी20 सीरीज में भी सूर्यकुमार ने अपने नेतृत्व में टीम इंडिया को जीत दिलाई थी।
जब चयनकर्ताओं से इस फैसले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि टीम को ऐसे कप्तान की जरूरत है जो लंबे समय तक टीम के लिए उपलब्ध रहे और जो आगामी वर्षों में टीम के नेतृत्व का जिम्मा संभाल सके। यह बयान यह संकेत देता है कि चयनकर्ता सूर्यकुमार यादव को भविष्य के लिए एक स्थिर कप्तान के रूप में देख रहे हैं।
कार्तिक ने कहा, “टीम में हार्दिक का योगदान बहुत बड़ा है”
दिनेश कार्तिक ने आगे कहा, “हार्दिक पांड्या का योगदान टीम इंडिया के लिए बहुत बड़ा है। उनकी गेंदबाजी, बल्लेबाजी, और फील्डिंग ने कई बार मैच बदलने का काम किया है। वह भारतीय क्रिकेट का एक अहम हिस्सा हैं। जब आप किसी खिलाड़ी को कप्तान या उपकप्तान नहीं बनाते हैं, तो उसके मनोबल पर असर पड़ता है। अगर आप किसी खिलाड़ी को उपकप्तान नहीं बनाते तो यह एक बड़ा बयान होता है, जो यह संकेत देता है कि चयनकर्ता शायद उस खिलाड़ी को पूरी तरह से कप्तानी के लिए तैयार नहीं मानते।”
रोहित शर्मा का संन्यास और हार्दिक की उम्मीदें
रोहित शर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, हार्दिक पांड्या की उम्मीदें बढ़ गई थीं कि वह टीम इंडिया के अगले कप्तान होंगे। हालांकि, चयनकर्ताओं ने यह भूमिका सूर्यकुमार यादव को सौंपी। यह कदम इसलिए चौंकाने वाला था क्योंकि हार्दिक के पास न केवल शानदार नेतृत्व कौशल था, बल्कि वह एक अनुभवी और बहु-कार्यकर्ता खिलाड़ी भी हैं।
टी20 क्रिकेट में जहां खेल का तेजी से विकास हो रहा है, ऐसे में हार्दिक पांड्या की बहुमुखी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती थी। उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी में संतुलन टीम को संकट के समय लाभ पहुंचा सकता था, और उनके नेतृत्व में टीम को निरंतर सफलता मिल सकती थी। इसके बावजूद, चयनकर्ताओं ने यह जिम्मेदारी सूर्यकुमार को सौंपने का निर्णय लिया।
चयनकर्ताओं का तर्क
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने इस फैसले के बारे में बयान दिया कि टीम को ऐसे कप्तान की जरूरत है जो अधिक समय टीम के साथ रह सके। उन्होंने यह भी कहा कि सूर्यकुमार यादव एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो लंबे समय तक टीम के लिए उपलब्ध रह सकते हैं और उनका नेतृत्व भविष्य में भारतीय क्रिकेट के लिए लाभकारी हो सकता है।
यह तर्क यह साफ करता है कि चयनकर्ता वर्तमान में भारतीय क्रिकेट के लिए स्थिरता की तलाश में हैं। सूर्यकुमार यादव का उपकप्तान बनना इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ने जैसा है।