दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले पर सुनवाई की. इस बीच कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह कोर्ट में पेश हुए हैं. अदालत ने उन्हें इस मामले में उन पर लगे आरोपों की जानकारी दी. सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने पूछा कि क्या वह मुकदमे का दावा कर रहे हैं या गलती स्वीकार कर रहे हैं? इस पर बृजभूषण सिंह के वकील ने कहा कि मुकदमे का दावा कर रहे हैं.

इसके बाद कोर्ट ने बृजभूषण सिंह से पूछा कि क्या आप गलती मानते हैं? इस पर उन्होंने कहा कि कोई सवाल ही नहीं है, गलती की नहीं तो मानें क्यों. वहीं इस मामले में अन्य आरोपी और कुश्ती संघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर ने भी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को बेकसूर बताया है. उन्होंने कोर्ट में कहा कि ये सबकुछ झूठ है. हमारे पास पूरे सबूत हैं. घर पर कभी नहीं बुलाया, डांटा-धमकाया भी नहीं है. सब आरोप झूठे हैं.

कोर्ट ने मामले को लंबे समय तक खींचने से इनकार कर दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि MP-MLA मामलों में लंबी तारीखें न दी जाएं. जज ने कहा कि मेरी कोर्ट में अधिकतम 10 से 15 तारीखें जाती हैं. हम 10 दिन से दिन से अधिक की तारीख नहीं दे सकते. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 1 जून दोपहर 2 बजे तय की है.

बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने WFI के पूर्व चीफ बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवान यौन शोषण मामले में पहले ही आरोप तय करने के आदेश दे दिए थे. कोर्ट ने कहा था कि 6 में से 5 मामलों में बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत मिले हैं. 5 मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 और 354डी के तहत आरोप तय किए गए हैं, जबकि उनके खिलाफ छठा मामला खारिज कर दिया गया है. इसी मामले में कोर्ट में सुनवाई जारी है.

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