कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को रायबरेली की जनता से कहा कि वह उन्हें अपना बेटा सौंप रही हैं और राहुल आपको निराश नहीं करेंगे. सोनिया की इस अपील पर पूरा पंडाल शोर से गूंज उठा.रायबरेली के आईटीआई ग्राउंड पर इंडिया गठबंधन की संयुक्त सभा में मंच से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भावुक अपील की. स्वास्थ्य कारणों से सोनिया गांधी मंच पर तब पहुंचीं जब राहुल गांधी का भाषण चल रहा था. राहुल के भाषण के बाद सोनिया गांधी जब डायस पर पहुंचीं तो उनके बगल में राहुल गांधी किसी छात्र की तरह हाथ बांध कर खड़े रहे. राहुल के बराबर में ही प्रियंका खड़ी रहीं.
सोनिया गांधी ने कहा, ‘भाइयो और बहनो, मैं आपको अपना बेटा सौंप रही हूं, जैसे आपने मुझे अपना माना वैसे ही राहुल को अपना मानना. राहुल आपको निराश नहीं करेंगे.’ गांधी ने कहा, ”मुझे खुशी है कि काफी समय के बाद आपके बीच आने का मौका मिला. आपके सामने मेरा सिर श्रद्धा से झुका हुआ है.’
इस क्षेत्र से अपने पारिवारिक रिश्ते की मजबूती दोहराते हुए उन्होंने कहा, ’20 साल तक एक सांसद के रूप में मुझे सेवा करने का अवसर दिया. यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है. रायबरेली मेरा परिवार है, अमेठी भी मेरा घर है.’
गंगा मां की तरह पवित्र है यह रिश्ता
सोनिया गांधी ने कहा, ‘यहां से न केवल जीवन की कोमल यादें जुड़ी हैं, बल्कि पिछले 100 साल से मेरे परिवार की जड़ें इस मिट्टी से जुड़ी हैं.’ उन्होंने कहा कि ‘गंगा मां की तरह पवित्र यह रिश्ता अवध और रायबरेली के किसान आंदोलन के साथ शुरू हुआ और आज तक कायम है.’
अपनी सास और रायबरेली से सांसद रहीं दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के संस्मरणों को सुनाते हुए सोनिया ने कहा, ‘इंदिरा जी के दिल में रायबरेली के लिए एक अलग जगह थी. उन्हें मैंने काम करते हुए करीब से देखा. उनके मन में आपके प्रति असीम लगाव था.’
इसे विस्तार देते हुए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा ‘मैंने राहुल व प्रियंका को वही शिक्षा दी जो इंदिरा जी ने और रायबरेली की जनता ने मुझे दी- सबका आदर करो, कमजोर की रक्षा करो, अन्याय के खिलाफ जनता के अधिकार के लिए जिससे भी लड़ना पड़े लड़ जाओ, डरना मत, क्योंकि संघर्ष की तुम्हारी जड़ें और परंपरा बहुत मजबूत है.’
सभा को कांग्रेस प्रत्याशी राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी संबोधित किया. राहुल गांधी ने दावा किया कि चार जून के बाद नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे और ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनेगी और यह सरकार जनता की होगी.