हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 2025 का बजट पेश करते हुए प्रदेश के मनरेगा कामगारों और अन्य विभिन्न वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इस बजट के तहत मनरेगा कामगारों की दिहाड़ी में 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे उनकी दिहाड़ी अब 320 रुपये हो गई है, जबकि पहले यह 300 रुपये थी। इससे प्रदेश के लाखों मनरेगा कामगारों को फायदा होगा और उनका जीवन स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की है। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के मानदेय में 1000-1000 रुपये की वृद्धि की गई है, जबकि सदस्य के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद, जिला परिषद अध्यक्ष को 25000 रुपये, उपाध्यक्ष को 19000 रुपये और सदस्य को 8300 रुपये मानदेय मिलेगा।

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पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के मानदेय में भी 600-600 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि सदस्य के मानदेय में 300 रुपये की वृद्धि की गई है। अब बीडीसी अध्यक्ष को 12000 रुपये, उपाध्यक्ष को 9000 रुपये और सदस्य को 7500 रुपये मानदेय मिलेगा। प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य के मानदेय में भी 300-300 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब प्रधान को 7500 रुपये, उपप्रधान को 5100 रुपये और वार्ड सदस्य को 1050 रुपये मिलेंगे।

दूध उत्पादकों के लिए भी बड़ी राहत का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम खरीद मूल्य में 6 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अब किसानों को गाय के दूध पर 51 रुपये और भैंस के दूध पर 61 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलेगा। इस बढ़ोतरी से दुग्ध उत्पादकों को अच्छा लाभ होगा और उनके आर्थिक हालात में सुधार हो सकेगा।

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