उत्तर प्रदेश के रामपुर में सरकारी योजना से फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। जिसके बाद पुलिस ने तीनों बहनों पर कार्रवाई की है। महिलाओं ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा कर सरकारी अनुदान प्राप्त करने कि कोशिश की। टांडा क्षेत्र मनिहारन चक गांव की रहने वाली तीन सगी बहनों ने फ़र्ज़ी तरीके से योजना का लाभ लेकर शादी से ही इनकार कर दिया था। इन तीन सगी बहनों के खिलाफ नगर पालिका टांडा के अधिशासी अधिकारी ने केस दर्ज कराया था।
बताया जा रहा है कि आफरीन जहां, शमा परवीन और नाज़रीन नाम की इन तीनों बहनों का निकाह 5 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुआ था। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुदान लेने के बाद ये तीनों बहनें शादी से मुकर गई, तीनों बहनों का कहना था कि उनका विवाह नहीं हुआ है तभी अहमद नबी सैफी ने महिलाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की जिस पर जांच के बाद इनके ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया था, फिर उनकी गिरफ्तारी की गई और कार्रवाई हुई है।
बता दें कि, जांच हुई तो सामने आया कि इन्होंने फ़र्ज़ी दस्तावेज़ के आधार पर योजना का लाभ लिया है। मामला तब सामने आया जब इस फर्जीवाड़े की शिकायत की गई, अहमद नबी सैफी नाम के व्यक्ति ने जिलाधिकारी को इस योजना में हुए फर्जीवाड़े की शिकायत की, जांच में पाया गया कि तीनों बहनों ने न केवल योजना का लाभ उठाया, बल्कि शादी भी की और लाभ उसके बाद वे शादी से इनकार कर रही हैं।
रामपुर के ACP अतुल कुमार श्रीवास्तव ने सारे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 05 दिसम्बर 2023 को इन तीनो बहनों ने फ़र्ज़ी दस्तावेजो की मदद से अपने माता पिता का गलत नाम पता बता कर योजना का लाभ लिया था। वहीं, इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया और इन्हें गिरफ़्तार कर जेल भेजा जा रहा है और आगे की कार्रवाई की जा रही।