महाराष्ट्र के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे ने मंगलवार को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वह बीड जिले के परली से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधायक हैं और पहले बीड के संरक्षक मंत्री भी रहे थे। इस्तीफा देने की वजह राज्य के मंत्री वाल्मिक कराड का नाम एक हत्या के मामले में आरोपी बनाए जाने को बताया जा रहा है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुंडे से इस्तीफा देने के लिए कहा था, जिसके बाद मुंडे ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंपा। फडणवीस ने कहा कि इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है और उसे राज्यपाल को भेज दिया गया है।

इस्तीफे के बाद मुंडे ने ट्वीट करते हुए कहा, “मेरी पहले दिन से ही यह मांग रही है कि बीड जिले के मासाजोग में संतोष देशमुख की नृशंस हत्या के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। मुंडे ने अपनी तबियत खराब होने का हवाला देते हुए भी मंत्री पद से इस्तीफा देने का कारण बताया और कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें इलाज की सलाह दी है।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सोमवार रात को मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की और इस मामले पर चर्चा की। इस दौरान, सीआईडी द्वारा दायर आरोपपत्र और अन्य मामलों की समीक्षा की गई, जिसमें कराड को आरोपी नंबर एक बताया गया है।

हत्या का मामला क्या था?

यह मामला बीड जिले के मासाजोग गांव का है, जहां सरपंच संतोष देशमुख की हत्या की गई थी। आरोप है कि संतोष देशमुख ने जिले में एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली के प्रयास को रोकने की कोशिश की थी। उन्हें अगवा कर प्रताड़ित किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। 27 फरवरी को राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने इस हत्या और अन्य संबंधित मामलों में एक आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें 1,200 से अधिक पन्ने थे। अब तक इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और पुलिस ने मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया है।

पहली पत्नी ने किया था इस्तीफे का दावा

मुंडे की पहली पत्नी करुणा शर्मा-मुंडे ने रविवार को दावा किया था कि वरिष्ठ नेताओं ने उनका इस्तीफा मांगा है और यह इस्तीफा राज्य विधानमंडल के बजट सत्र से पहले घोषित किया जाएगा, जो अब सच साबित हुआ है।

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