मंदिरों

राजधानी दिल्ली में बीजेपी की सरकार के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल एक्शन मोड में है। गैर कानून जगहों पर पीला पंजा चलाया जा रहा लेकिन जब सरकार का बुलडोजर पटपड़गंज विधानसभा में मंदिरों को तोड़ने के लिए पहुंचा तो बीजेपी के विधायक खुद अपनी ही सरकार के आदेश के खिलाफ बीच-बचाव करते दिखाई दिए और उन्होंने अपने विधानसभा के लोगों के साथ मिलकर मंदिर तोड़ने के कार्य को रूकवा दिया।

दरअसल ये मामला दिल्ली के पटपड़गंज विधानसभा के इलाके मयूर विहार फेस-2 का है। जहां पर कई मंदिरों को तोड़ने का DDA की टीम को आदेश मिला था जिसके बाद DDA के अधिकारी और पुलिस प्रशासन मंदिरों को तोड़ने के लिए पहुंचे ही थे लेकिन जमकर बवाल हो गया स्थानीय लोगों ने DDA टीम का मंदिर तोड़ने पर विरोध किया और हंगामा इतना बढ़ गया बीजेपी विधायक रविंद्र नेगी को बीच बचाव करने आना पड़ा।

बता दें कि, दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जो ग्रीन बैल्ट में एरिया आता है वहां पर बने मंदिरों को तोड़ने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया था जिसके बाद DDA की टीम पुलिस अधिकारियों के साथ रात को करीब 3 बजे मंदिर तोड़ने पहुंची थी जिसके बाद हंगामा इतना बढ़ा विधायक रवींद्र नेगी ने कार्रवाई रूकवा दी। वहीं, इसकी तस्वीरे पटपड़गंज विधानसभा के विधायक रवींद्र नेगी ने X पर शेयर की और लिखा सीएम रेखा गुप्ता की दखल के बाद DDA की कार्रवाई रोक दी गई है। मयूर विहार फेस 2 में स्थित मंदिरों को तोड़ने के लिए हाईकोर्ट के आदेशानुसार, डीडीए की टीम पुलिस बल के साथ पहुंची थी, लेकिन हम रात 3 बजे से ही वहां मौजूद रहे और हर संभव प्रयास किया कि हमारी आस्था का प्रतीक ये मंदिर सुरक्षित रहे।

हालांकि विधायक रवींद्र नेगी की दखल और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद बताया गया कि- DDA की टीम ने अपनी कार्रवाई रोक दी लेकिन ऐसे में सवाल ये है खुद को हिंदू का सबसे बड़ा मसीहा बताने वाली बीजेपी ऐसे में कोर्ट के आदेशों को किस तरह से चुनौती दे पाएगी क्योंकि बीजेपी में हमेशा से दावा करती आई है वो हिंदुओं की पार्टी है हिंदू वोटर्स उनके साथ है।

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