शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सही नियम
जान लें शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सही नियम, शिवजी कर देंगे आपकी मनोकामना पूरी।
भगवान शिव जो एक ऐसा देवता है जो मात्र आपके एक लोटे जल से बेहद खुश हो जाते है और तो और ना केवल खुश होते है बल्कि इनसे आप अपनी मनोकामना को भी पूरा करवा सकते है।
जी हां शिवजी को सबसे भोले देवताओं में गिना जाता है। और शिवजी आपकी मनोकामना को तुरंत पूरा कर सकते है लेकिन इसके लिए आपको चाहिए कि आप भगवान शिव को जल चढ़ाने के सही नियम से अच्छी तरह से वाकिफ हो क्योंकि एक ही चीज है जिससे भगवान शिव प्रसन्न होते है और अगर आप उसे भी सही ढ़ंग से नहीं करते है तो भगवान शिव का आपसे रूष्ट होना जायज सी बात है। तो आइए जान लेते है भगवान शिव पर सही ढ़ंग से जल चढ़ाने की विधि।
सबसे पहले तो आपको बता दें कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए सबसे बढ़िया समय या तो सुबह है या फिर रात का समय है जब शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है।
और जैसा कि हम सभी को पता है कि भगवान शिवजी का वार सोमवार है तो सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का अपना अलग महत्व है। इस दिन भगवान शिव को जल चढ़ाने से दोगुना पुण्य की प्राप्ति होती है।
और ऐसा भी नहीं है कि आप सीधा जाएं और जल चढ़ा दें।
अब चाहे वो जल कैसा भी हो। अब अपने अराध्य को अगर आप जल चढ़ाएंगे तो सबसे पहले आपको चाहिए कि
जल को शुद्ध कर लें। जल को शुद्ध करना अत्यंत अनिवार्य है। इसके लिए अगर आपके पास गंगाजल है तो आप भगवान शिव पर गंगाजल का भी अभिषेक कर सकते है।
और यदि आपके पास गंगाजल नहीं है तो ताजे और शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें। इसमें आप भगवान शिव का प्रिय फूल भी डाल सकती है।
मंदिर जाते समय भी ध्यान रखें कि आपका पानी ज्यादा छलकें नहीं।
और सबसे पहले वो जल भगवान शिव जी पर ही चढ़े।
मंदिर जाकर अब आपको सबसे पहले शिवलिंग को अच्छे से साफ करना है। अगर आप शिवलिंग को साफ कर लेंगी तो आपके जल चढ़ाने का ज्यादा महत्व होगा।
क्योंकि आपसे पहले भी अनेकों भक्तगण शिवजी को उनकी प्रिय चीजों से अपनी तरफ करने का जोर लगा चुके है। तो मंदिर में जाकर सबसे पहले शिवलिंग को साफ आवश्य करें।
शिवलिंग को अच्छे से साफ करके आपको अभी भी जल नहीं चढ़ाना है आपको जल चढ़ाने से पहले भगवान शिव का अपने मन दिमाग दिल से स्मरण करना है।
और निरंतर मंत्र जाप करना है। और निरंतर “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते रहना चाहिए। वही अपने मन को एकाग्र करें ताकि आपकी पूजा को सिद्ध किया जा सके। और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हुए ही शिवजी पर जल चढ़ाएं।
जल को धीरे-धीरे शिवलिंग पर चढ़ाएं। ध्यान रखें कि, जल शिवलिंग की पूजा करते समय उसकी धारा को टूटने न दें, यानी जल का प्रवाह लगातार और निर्बाध रूप से होना चाहिए।