कांग्रेस में चाटूकारिता हावी हो चुकी है। इस पार्टी में तो मटन के चक्कर में ही राज्यसभा की सीट मिल जाती। ऐसा हम नहीं कह रहे। दरअसल बीजेपी नेता गौरव वल्लभ पंत ने एक बार फिर कांग्रेस की पोल खोल कर रख दी। गौरव वल्लभ पंत पूर्व कांग्रेसी हैं और अभी बीजेपी के प्रवक्ता हैं। वहीं अब उन्होंने एक इंटरव्यू में अपनी पूरानी पार्टी के वर्किंग कल्चर को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
‘कांग्रेस में चाटूकारिता हावी हो चुकी है’
उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी में चाटुकारिता हावी हो चुकी है। इसके अलावा भी उन्होंने कई दावे किए हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर यहां तक कहा है कि कांग्रेस पार्टी में एक नेता को दो बार राज्यसभा जाने का मौका इसलिए मिला क्योंकि उन्हें पता है कि मल्लिकार्जुन खरगे को मीट खाना बहुत पसंद और दिल्ली में किस दुकान का मटन उन्हें सबसे अच्छा लगता है।
‘खरगे साहब मटन के शौकीन हैं’
गौरव वल्लभ ने कहा, ‘कांग्रेस में मैं एक ऐसे आदमी को जानता हूं जो खरगे साहब के काफी करीबी हैं। उस व्यक्ति की एक ही योग्यता है कि उसे पता है कि दिल्ली में मटन कहां अच्छा मिलता है। खरगे साहब मटन के शौकीन है। मैं तो शुद्ध शाकाहारी आदमी हूं। मैं दाल भी किसी के लिए नहीं लेकर जाऊंगा।’
‘मटन खिलाने पर मिल जाती है राज्यसभा सीट’
गौरव वल्लभ पंत ने आगे कहा कि ‘उस व्यक्ति को यह पता है कि पुरानी दिल्ली की कौन सी दुकान पर मटन अच्छा मिलता है। वह मटन लाते-लाते दूसरी बार राज्यसभा में पहुंच गया। ना वह अक्ल से समझदार, ना ज्ञान से समझदार। योग्यता इतनी ही कि मटन कहां अच्छा मिलता है। मुझे किसी के कुछ खाने से दिक्कत नहीं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में मटन राज्यसभा की योग्यता नहीं हो सकता है।’
‘परिवारवाद और भेदभाव के गंभीर आरोप’
हांलाकि उन्होंने इस दौरान किसी का नाम नहीं लिया। लेकिन उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी के हर कार्यकर्ता को यह पाता है कि कांग्रेस पार्टी में मटन लाने की योग्यता किसमें हैं। इंटरव्यू के दौरान गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पार्टी के पतन और अपने इस्तीफे को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कांग्रेस में ‘पीए कल्चर’ हावी होने की बात भी कही है। साथ ही उन्होंने परिवारवाद और भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं।