हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के किसानों के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बार केंद्र सरकार से बड़ी मांग करते हुए एक लेटर लिखा है। दरअसल सीएम सैनी ने केंद्र सरकार से फसल अवशेष प्रबंधन में काम आने वाले 10 कृषि उपकरणों पर जीएसटी में छूट की मांग की है। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। इस लेटर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिखा है कि हरियाणा राज्य के किसान देश के अन्न भंडार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और हरियाणा कृषि क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में से एक है।
CM ने इन 10 कृषि उपकरणों पर GST में छूट की मांग
पत्र में सीएम सैनी ने आगे लिखा है कि पिछले कुछ सालों में पराली जलाना एक महत्वपूर्ण समस्या के रूप में उभरी है। जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी लिए फसल अवशेष प्रबंधन में प्रयुक्त किए जाने वाले कृषि उपकरण रोटावेटर, डिस्क हैरो, कल्टीवेटर, जीरो ड्रिल, सुपर सीडर, स्ट्रॉ बेलर, हैरेक, स्लेशर, रीपर बाइंडर तथा ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रे पंप की खरीद में किसानों को GST में छूट दी जाए।
किसानों का होगा 60 करोड़ का फायदा
सीएम सैनी ने अपने लेटर में आगे बताया है कि इन मशीनों की खरीद पर कुल 500 करोड़ रूपये का खर्च आने की संभावना है। सरकार आगर किसानों का जीएसटी में छूट देती है तो प्रदेश के किसानों को 60 करोड़ रुपए का फायदा होगा। 2025 के लिए सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों की खरीद पर लगभग 200 करोड़ रुपये का अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया। सरकार के प्रयासों से पिछले साल 2024 में साल 2023 की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में 39% की कमी दर्ज की गई।
पराली जलाना बनी बहुत बड़ी समस्या
बता दें कि हरियाणा और पंजाब में पराली जलाना एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा निगरानी की जाती है। इसी के चलते सीएम सैनी ने केंद्र सरकार से ये मांग की है। ताकी किसानों पाराली ना जलाकर उसका उचित प्रबंधन कर सकें।