नागपुर में हुई हिंसा मामले में नया अपडेट सामने आया है। नागपुर के गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में दंगाइयों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में घटना के मास्टरमाइंड का खुलासा हुआ है। एफआईआर के मुताबिक माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के शहर अध्यक्ष फहीम शमीम खान की अध्यक्षता में 50 से 60 लोगों ने अवैध रूप से पुलिस स्टेशन पर भीड़ इकट्ठा की।
देर रात कोर्ट ने आरोपियों को 21 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इस मामले को लेकर सुनवाई जिला सत्र न्यायलय में रात 2.30 बजे तक चली। वहीं, पुलिस ने अब तक 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें से 36 को कल जिला सत्र न्यायलय में पेश किया गया जबकि, 6 आरोपियों का सरकारी अस्पताल में इलाज जारी है।
वहीं, नागपुर हिंसा में महिला पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी की खबर भी सामने आई है। नागपुर पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों ने शिकायत दर्ज करवाई है। इनके मुताबिक उपद्रवियों ने उनके साथ बदसलूकी की, छेडछाड़, अश्लील हरकत वाले इशारे और वर्दी खींचने का आरोप लगाया है जिसको लेकर एक एफआईआर भी दर्ज की गई है और आरोपियों की पहचान की जा रही है।
वहीं, इस हिंसा मामले की जांच में एक और खुलासा हुआ है कि, उपद्रवियों में से ज्यादातर लोग पास के ही मस्जिद में इफ्तार कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक इनमें से कई ने नमाज पढ़ी उसके बाद इफ्तारी की और फिर हिंसा करने सड़क पर उतरे। वहीं, अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि मस्जिद पर एकत्रित हुई भीड़ को किसी ने बरगलाया था ?
बता दें कि, 17 मार्च को भड़की हिंसा के बाद महाराष्ट्र के नागपुर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है। पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा कैसे शुरू हुई और कुछ लोगों ने अचानक इसे कैसे भड़काया।