पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हाल ही में एक विशेष बातचीत में 2019 विधानसभा चुनाव के परिणाम पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को जनता ने नहीं हराया, बल्कि मशीन, मनी और मैनिपुलेशन के कारण हार का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि चुनाव के दौरान कई मुद्दों को दरकिनार किया गया और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी पार्टी के लिए जीत की राह कठिन हो गई। उन्होंने पार्टी के लिए एक शक्तिशाली वापसी की उम्मीद जताई थी, लेकिन चुनाव परिणाम ने सभी को चौंका दिया।
‘मशीन, मनी और मैनिपुलेशन’ के कारण हार
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को हारने का मुख्य कारण जनता नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियाँ थीं। उन्होंने कहा कि “हमें जनता ने नहीं हराया, बल्कि मशीन, मनी और मैनिपुलेशन ने हमें हराया।” हुड्डा ने विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले तक वोट बनाने के सिलसिले को देखा था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने नगर निगम चुनाव में पेपर बैलेट से चुनाव कराने की मांग की थी, क्योंकि ईवीएम में सुरक्षा के मुद्दे बार-बार उठ चुके थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “ट्रंप ने भी पेपर बैलेट का समर्थन किया था। अगर अंतरिक्ष के राकेट को बैठकर नियंत्रित किया जा सकता है, तो ईवीएम में छेड़छाड़ क्यों नहीं की जा सकती?”
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच वोट शेयर में मामूली अंतर था, लेकिन पोस्टल बैलेट में कांग्रेस को भारी जीत मिली थी। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में छेड़छाड़ की संभावना हमेशा बनी रहती है, और जब तक सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत ईवीएम में वीवीपैट का प्रयोग नहीं किया जाता, तब तक यह प्रणाली पूरी तरह से विश्वसनीय नहीं हो सकती।

कुमारी सैलजा के बयान पर हुड्डा की प्रतिक्रिया
कुमारी सैलजा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि “सबको यह पता है कि किसने क्या किया।” उनका इशारा उस समय के राजनीतिक परिदृश्य की ओर था, जब विभिन्न नेताओं और पार्टी सदस्यों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते थे। हुड्डा ने यह भी कहा कि वह इस पर टिप्पणी करने से बचना चाहते थे क्योंकि यह उनके लिए व्यक्तिगत आरोपों का विषय था।
मोदी से मुलाकात पर विवाद
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच एक मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद भाजपा के कुछ मंत्री यह आरोप लगाने लगे कि हुड्डा भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इस पर हुड्डा ने सफाई दी और कहा कि “इन लोगों को न तो इतिहास का पता है, न ही आज का। मोदी और मैं दस साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं। हम दोनों की मुलाकात शिष्टाचार का हिस्सा थी।” उन्होंने यह भी बताया कि समारोह में उनके साथ खड़े अश्विनी कुमार से मोदी ने मुलाकात की थी और यह सिर्फ एक सामान्य सामाजिक मुलाकात थी, जो राजनीति से परे थी।
कांग्रेस के भविष्य पर हुड्डा की राय
जब हुड्डा से यह पूछा गया कि कांग्रेस क्यों लगातार हार रही है और क्या भारत कांग्रेस मुक्त हो रहा है, तो उन्होंने इसका सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस नेशनल पार्टी है और इसका संगठन हर प्रदेश में है। राहुल गांधी संगठन के स्तर पर काम कर रहे हैं और जल्द ही संगठन मजबूत होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी पार्टी अगर अपने संगठन को मजबूत नहीं करती, तो उसे नुकसान उठाना पड़ता है, और कांग्रेस ने भी इसे समझा है।
निकाय चुनाव पर हुड्डा की प्रतिक्रिया
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने निकाय चुनाव में कांग्रेस की निष्क्रियता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने खुद चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लिया। “जब मेरी सरकार थी, तो उस दौरान भी निकाय चुनाव में मैंने प्रचार नहीं किया था और कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया था,” हुड्डा ने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि वह सिर्फ लोकसभा और विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए जाते हैं, जबकि अन्य चुनावों में उनका कोई व्यक्तिगत अभियान नहीं होता।
कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं पर हुड्डा की प्रतिक्रिया
कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के बारे में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह सब स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले कई नेता कांग्रेस में शामिल हुए थे और अब कुछ लोग पार्टी छोड़ रहे हैं। हुड्डा का कहना था कि जो लोग कांग्रेस में रहकर भाजपा की मदद कर रहे थे, वही लोग अब पार्टी छोड़ रहे हैं।
बजट सत्र पर हुड्डा की तैयारियां
हुड्डा ने बजट सत्र के बारे में कहा कि सरकार ने पिछले साल क्या किया था? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल कर्ज बढ़ाने में लगी है, और राज्य का हर बच्चा ढाई लाख रुपये के कर्ज के साथ पैदा हो रहा है। हुड्डा ने कहा, “हम विपक्ष में हैं और हमें अपनी भूमिका निभानी है। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। किसान एमएसपी पर गिरी हुई स्थिति में हैं और बेरोजगारी में हरियाणा नंबर एक है।”
सैनी सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी
हुड्डा ने सैनी सरकार की शुरुआती कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि अभी तक सरकार ने कोई खास परफॉर्मेंस नहीं दिखाई है। “अभी तक सरकार ने कौन सा वादा पूरा किया है?” उन्होंने यह सवाल उठाया और कहा कि कई मुद्दे जस के तस पड़े हैं, जैसे नौकरी का मुद्दा और महिलाओं के लिए वादे। “अगर इस सरकार के कार्यकाल में एचएसएससी में करोड़ों रुपये पकड़े गए हैं, तो यह एक गंभीर मामला है,” हुड्डा ने कहा।
हरियाणा में नशे की समस्या
हरियाणा में नशे की बढ़ती समस्या पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशा गांवों, गलियों और मोहल्लों में खूब बिक रहा है और इसका समाधान केवल पेडलर्स को पकड़कर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बड़े तस्करों को पकड़े बिना इस समस्या का हल नहीं हो सकता और केवल छोटे स्तर पर पकड़ से नशे की समस्या नहीं रुकने वाली।