बहराइच कांड में युवक के साथ हुई बर्बरता ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। युवक की पिटाई के बाद उसे गोली मारी गई, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।

बहराइच के महराजगंज इलाके में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के जुलूस के दौरान हुई हिंसा की घटना ने एक युवक की जान ले ली और कई अन्य को घायल कर दिया। रामगोपाल मिश्रा के साथ हुई बर्बरता और उनकी हत्या के आरोप ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए हरदी थाने के प्रभारी और महसी चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है, और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। महराजगंज और महसी के निजी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है।

बहराइच में महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में गाने को लेकर हुए विवाद के बाद दूसरे समुदाय के युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे दुर्गा प्रतिमा खंडित होने पर पूजा समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया तो दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल मिश्रा (24) को घर के अंदर घसीट ले गए और गोली मार दी। उसे बचाने पहुंचे राजन (28) भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद बहराइच में जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। विसर्जन कमेटी के सदस्यों ने बहराइच-सीतापुर हाईवे पर चहलारी घाट पुल के पास जाम लगा दिया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। इसके साथ ही, बहराइच-लखनऊ हाईवे पर भी जाम लगाया गया।

बहराइच में प्रतिमा विसर्जन के दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। शहर के सैकड़ों स्थानों पर विसर्जन रोक दिया गया है, और मामले को नियंत्रित करने के लिए छह थानों की पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। गोंडा और बलरामपुर में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन महराजगंज कस्बे में हालात बिगड़ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार शाम जब महसी तहसील की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था, तो वहां कस्बा निवासी सोनार अब्दुल हमीद और उनके साथी वहां पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब प्रतिमा के साथ चल रहे लोगों ने इसका विरोध किया, तो छतों से पथराव शुरू हो गया। इसके बाद, समिति के सदस्य विरोध प्रदर्शन करने लगे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

हमीद और उनके साथ मौजूद बड़ी भीड़ ने उपद्रव शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, लेकिन स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रयास अभी भी जारी हैं।

पूजा समिति के सदस्यों का आरोप है कि घटना के दौरान थाना प्रभारी मौके पर मौजूद नहीं थे। जब प्रदर्शन शुरू हुआ, तो पुलिस ने विसर्जन में शामिल लोगों पर लाठीचार्ज किया, जिससे भगदड़ मच गई और इस दौरान दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल को उठा ले गए।

बहराइच की एसपी वृंदा शुक्ला समेत अन्य आला अधिकारी महराजगंज में कैंप कर रहे हैं, और पूरे कस्बे को सील कर दिया गया है।

डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एडीजी जोन गोरखपुर केएस प्रताप कुमार और डीआईजी रेंज देवीपाटन अमरेंद्र प्रताप सिंह को भेजा गया है।

बर्बरता के बाद मारी गोली, 12 अन्य घायल
लोगों ने आरोप लगाया कि भगदड़ के दौरान दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल मिश्रा (24) को घसीट कर घर में ले गए। वहां उसकी बर्बरता के साथ पिटाई करते हुए पैर के नाखून उखाड़ लिए और उसे गोलियां मार दीं। गंभीर रूप से घायल राजन सहित 12 लोगों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

पहले गाली गलौज और फिर पथराव

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महसी तहसील की प्रतिमा शांति पूर्वक विसर्जन के लिए जा रही थी, लेकिन महराजगंज कस्बे में पहुंचने पर कस्बा निवासी सोनार अब्दुल हमीद अपने बेटे सबलू, सरफराज और फहीम के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब प्रतिमा के साथ चल रहे लोगों ने इसका विरोध किया, तो छतों से पथराव शुरू कर दिया गया।

एसपी समेत छह थानों की पुलिस, दो प्लाटून पीएसी तैनात

घटना की जानकारी मिलते ही बहराइच की एसपी वृंदा शुक्ला भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कार्रवाई की और बताया कि वहां दो प्लाटून पीएसी तैनात की गई हैं, साथ ही छह थानों की पुलिस भी मौजूद है।

एसपी ने कहा कि हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रयास जारी हैं और पूरे मामले की जांच भी की जा रही है। प्रशासन की ओर से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, और स्थिति को सामान्य करने की कोशिशें लगातार चल रही हैं।

महराजगंज की घटना के बाद पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि गाने को लेकर जब गाली-गलौज हुई, तो पुलिस और प्रशासन के लोग मूकदर्शक बने रहे। खासकर, एसओ की अनुपस्थिति ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया।

आरोप है कि जब पथराव हुआ और लोग प्रदर्शन करने लगे, तो पुलिस ने विसर्जन में शामिल लोगों पर ही लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई के कारण भगदड़ मच गई, जिससे दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल को उठा ले गए। ऐसे में स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है, और वे पुलिस की कार्रवाई और जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं।

मुख्य आरोपी सलमान समेत कई लोगों पर एफआईआर

बहराइच में हुई हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी सलमान समेत कई अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने 20 से 25 लोगों को हिरासत में लेने की भी खबरें दी हैं।

महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में हुई घटना के बाद पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश फैल गया है। एसपी वृंदा शुक्ला ने इस लापरवाही को देखते हुए हरदी थाना प्रभारी सुरेश कुमार वर्मा और महसी चौकी इंचार्ज शिव कुमार को निलंबित कर दिया है।

हालांकि, लोगों का कहना है कि सीओ पर भी लापरवाही का आरोप है, और उनके खिलाफ कार्रवाई न होने से आक्रोश बना हुआ है। स्थानीय नागरिक न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बहराइच में हुई हिंसा के बाद पुलिस की कार्रवाई और उनकी चुप्पी पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि जब पीस कमेटी की बैठक में तनाव की आशंका थी, तो पुलिस ने विसर्जन के लिए अतिरिक्त इंतजाम क्यों नहीं किए।

इसके अलावा, शनिवार को गोंडा और बलरामपुर में हुए हंगामे के बाद सटे जिले में सावधानी क्यों नहीं बरती गई? विसर्जन जुलूस के साथ सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम क्यों नहीं किया गया? हंगामे की शुरुआत पर क्यूआरटी को मौके पर भेजने में देरी क्यों की गई?

प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करते समय पुलिस ने सिर्फ दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों को ही निशाना क्यों बनाया, जबकि दूसरे पक्ष पर सख्ती नहीं दिखाई गई? दूसरे पक्ष की संख्या अधिक होने पर तत्काल निरोधात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

इसके साथ ही, लोगों का यह भी सवाल है कि आला अफसर देर से क्यों पहुंचे और कार्रवाई के नाम पर चुप्पी क्यों साधे रखी? युवक की हत्या के बाद भी रात भर कार्रवाई में देरी क्यों की गई? इन सवालों ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर संदेह पैदा किया है।

By admin

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