दिल्ली में शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, जो महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए महिला समृद्धि योजना शुरू कर रही है। बीजेपी ने इस योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह देने का वादा किया है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह सिर्फ एक चुनावी जुमला है और बीजेपी ने महिलाओं से जो वादा किया था, वह अब तक पूरा नहीं हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने इस स्कीम पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह बीजेपी का केवल एक जुमला है। बीजेपी के पास एक जुमले का बैंक है, और महिलाओं को ढाई हजार रुपये देने का वादा भी उनका एक हिस्सा है।” उन्होंने यह भी कहा कि जिन महिलाओं ने इस योजना के लिए आवेदन किया था, वे आज सड़कों पर प्रदर्शन कर रही हैं क्योंकि उन्हें एक महीना पूरा होने के बावजूद सहायता राशि नहीं मिली।

आतिशी के साथ सौरभ भारद्वाज भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। इस मौके पर आतिशी के हाथ में एक प्लास्टिक चेक था, जिस पर “बैंक ऑफ जुमला” लिखा था। उन्होंने कहा, “मोदी जी और बीजेपी ने चुनाव से पहले हर महिला को ढाई हजार रुपये देने का वादा किया था, लेकिन वह वादा पूरा नहीं किया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक राजनीतिक पैंतरा है और आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएगी और सड़कों पर प्रदर्शन करती रहेगी।

AAP: महिला समृद्धि योजना लागू नहीं करने के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने किया प्रदर्शन

दिल्ली में महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा करने के बाद आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि यह योजना सिर्फ एक चुनावी दांव है और बीजेपी अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि बीजेपी ने होली तक सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ।

इस बीच, तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह और कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार समेत आम आदमी पार्टी के अन्य नेता दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जाकर महिलाओं के बीच जाएंगे और महिला सम्मान राशि को लेकर जागरूकता फैलाएंगे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान, सभी प्रमुख पार्टियों ने महिलाओं के लिए खास योजनाओं का ऐलान किया था। आम आदमी पार्टी ने महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये देने की घोषणा की थी, जबकि बीजेपी ने महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा किया। बीजेपी के सत्ता में आने के बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को लागू करने का ऐलान किया था और 8 मार्च को महिलाओं को पहले किस्त के रूप में 2500 रुपये देने का वादा किया था।

इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह भत्ता देने का प्रस्ताव है, और इसके लिए 5100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना के लिए एक समिति भी गठित की है, जिसमें मंत्री प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा शामिल हैं।

यह पूरा मुद्दा दिल्ली में राजनीतिक चर्चा का कारण बन गया है, और आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह महिलाओं के साथ धोखा कर रही है।

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