देश में अब वक्फ का नया कानून लागू हो चुका है। बेशक कुछ विपक्षी पार्टियां इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई हैं। वहीं इसको लेकर अब पीएम मोदी ने कांग्रेस को घेरा है। साथ ही कहा कि नए वाक्फ के कानून से मुस्लिम समाज का हित होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे पसमांदा मुस्लिमों, महिलाओं और गरीबों के हित में काम होगा। उन्होंने कहा कि देश अब तक तुष्टिकरण की राजनीति से चलता आया है और उसका हमें खामियाजा भी भुगतना पड़ा। पीएम मोदी ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति कोई नई नहीं है। इसका बीज तो स्वतंत्रता संग्राम के समय ही बो दिया गया था।
‘कट्टरपंथियों और भू माफियाओं को खुश करने का प्रयास’
एक चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ‘2013 में कानून में किया गया संशोधन मुस्लिम कट्टरपंथियों और भू माफियाओं को खुश करने का प्रयास था। इस कानून को ऐसा रूप दिया गया कि उसने संविधान के ऊपर खड़ा होने का भ्रम पैदा किया। जिस संविधान ने न्याय के रास्ते खोले। उन्हीं रास्तों को वक्फ कानून ने संकुचित कर दिया और इसके दुष्परिणाम क्या हुए कट्टरपंथियों और भू माफियाओं के हौसले बुलंद हुए।
‘ईसाईयों की जमीनों, गुरुद्वारों की जमीनों पर दावा’
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ‘केरल में ईसाई समाज के ग्रामीणों की जमीन पर वक्फ के दावे, हरियाणा में गुरुद्वारों की जमीनों पर दावा, कर्नाटक में किसानों की जमीन पर दावा, कई राज्यों में गांव के गांव हजारों हेक्टेयर जमीन अब एनओसी और कानूनी उलझनों में फंसी पड़ी है। मंदिर हो, चर्च हो, गुरुद्वारे हो, खेत हो, सरकारी जमीनें हों, किसी को भी अब भरोसा नहीं रह गया था। कि उनकी जमीन उनकी ही रहेगी। सिर्फ एक नोटिस आता था और लोग अपने ही घर और खेत के लिए कागज ढूंढ़ते रह जाते थे, जो कानून न्याय के लिए था। वो डर का कारण बन गया। ये कैसा कानून था?’
गरीब और पसमांदा मुसलमानों का भला होगा
पीएम मोदी ने कहा कि ‘मैं देश की संसद को सर्वसमाज के हित में मुस्लिम समाज के हित में एक शानदार कानून बनाने के लिए बधाई देता हूँ। अब पवित्र भावना की भी रक्षा होगी और गरीब पसमांदा मुसलमान, महिला, बच्चे सबके हक भी महफूज रहेंगे।’
‘वक्फ बोर्ड एक्ट में संशोधन कर न्याय किया’
पीएम ने बताया कि वक्फ पर हुई डिबेट दूसरी सबसे लंबी बहस थी। इसे सदन में दोबारा लाने से पहले जेपीसी की 38 बैठकें हुई थीं। ये दिखाता है कि भारत में लोकतंत्र कितना प्रभावी है। पीएम मोदी ने कहा कि वक्फ बोर्ड की ताकत इतनी थी कि हर कोई डरा रहता था, कि कब नोटिस न आ जाए। नोटिस आया नहीं कि लोग कानूनी लड़ाई में उलझ जाते थे। वह भी उस जमीन के लिए जो उनकी अपनी हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि हमने वक्फ बोर्ड एक्ट लाकर न्याय किया है और इससे सारी विसंगतियां दूर हो जाएंगी। हांलाकि अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है और अब देखना होगा किय सुप्रीम कोर्ट इस पर क्या फैसला करता है।