PM मोदी के मित्र ने भारत को ठगा
मोदी का दोस्त ट्रंप तो दगाबाज निकला। मीठी-मीठी बातें कर उसने तो हमारी जेब ही काटने की तैयारी कर ली। ट्रंप की जीत पर खुश तो बहुत हुए थे। लेकिन अब पता चला कि ये तो नुकसान वाली बात हो गई। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल को लिबरेशन डे बताते हुए कई देशों पर रियायती रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया। भारत का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि वो अमेरिकी उत्पादों पर 52 फीसदी टैरिफ लगाते हैं। लेकिन हम उन पर आधा यानि कि 26 फीसदी टैरिफ लगाएंगे। लेकिन अब ट्रंप के एग्जिक्यूटिव ऑर्डर का नया एनेक्सर सामने आया है। जिसमें भारत पर 27 फीसदी टैरिफ की बात कही गई है।
ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 26% टैरिफ लगाया
ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए ‘आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा’ बताया है। ट्रंप प्रशासन ने भारत से आयात पर 26% का टैरिफ लगाया है, लेकिन जो यूरोपीय संघ पर 20%, जापान के 24% और दक्षिण कोरिया के लिए लगाए गए 25% टैरिफ से थोड़ा ज्यादा है। ट्रंप ने व्यापारिक दुश्मन चीन से आयातित वस्तुओं पर 34% का टैरिफ लगाया है। यह पहले से लगे 20 फीसदी टैरिफ से अलग है। यानि चीनी सामानों पर कुल टैरिफ 54 फीसदी हो गया है।
भारत की जीडीपी पर पड़ेगा मामूली असर
आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक, भारत पर 26 फीसदी के टैरिफ लगाए जाने से भारत की जीडीपी पर बहुत ही मामूली असर पड़ने वाला है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ अटैक से भारत की अर्थव्यवस्था पर बिना किसी प्रतिशोधात्मक कार्रवाई यानि बिना जवाबी शुल्क की स्थिति में मात्र 0.01 फीसदी का अंतर आ सकता है। भारतीय अर्थशास्त्रियों और रेटिंग एजेंसी के अनुसार भारत की जीडीपी में 5 से 10 बेसिस प्वाइंट यानी 0.05 से 0.10 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अगर टैरिफ का दायरा बढ़ता है तो यह प्रभाव 20 बेसिस प्वाइंट यानी 0.20 फीसदी तक हो सकता है। ट्रंप के इस टैरिफ अटैक पर कई देशों ने पलटवार करने का ऐलान किया है तो कई अभी चुप हैं। लेकिन वैश्विक व्यापार के इस टैरिफ वॉर में दुनिया की अर्थव्यवस्था पर मंदी का साया मंडराने लगा है। इसके साथ ही अमेरिकी कदम से कई देशों की जीडीपी में गिरावट का अनुमान है। अगर दुनियाभर के देशों ने टैक्स पलटवार किया तो जीडीपी को और नुकसान हो सकता है।