कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को राज्यसभा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के आरोप का जोरदार जवाब देते हुए कहा, ‘झुकूंगा नहीं!’ दरअसल, यह डायलॉग अल्लू अर्जुन की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ से प्रचलित हुआ था। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया था कि वक्फ की जमीन हड़पने के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष भी आरोपी हैं। इस पर पलटवार करते हुए खरगे ने फिल्मी अंदाज में कहा कि वह राजनीतिक हमलों के आगे नहीं झुकेंगे।
राज्यसभा में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। दरअसल, कांग्रेस ने लोकसभा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर लगाए गए गंभीर आरोपों को निराधार बताया और सदन के नेता से स्पष्टीकरण की मांग की। उन्होंने भाजपा सांसद से माफी मांगने को भी कहा। इस दौरान खरगे ने कहा, ‘अगर भाजपा के लोग मुझे डराकर झुकाना चाहते हैं, मैं कभी नहीं झुकूंगा। मैं टूट जाऊंगा, लेकिन झुकूंगा नहीं। याद रखो, मैं डराने से डरने वाला नहीं।’
आरोप और पलटवार: क्या था अनुराग ठाकुर का आरोप?
दरअसल, गुरुवार को भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर आरोप लगाया कि वक्फ की जमीन हड़पने के मामले में उनका नाम भी शामिल है। उन्होंने यह दावा किया कि खरगे का नाम उन आरोपियों में है जिन्होंने वक्फ की जमीन पर कब्जा किया और इसका गलत तरीके से इस्तेमाल किया। ठाकुर ने इस मामले को उठाते हुए कांग्रेस पार्टी और इसके नेताओं पर निशाना साधा और कहा कि अगर इस मामले की जांच की जाए, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि खरगे भी इस विवाद में शामिल हैं।
आरोपों के जवाब में कांग्रेस पार्टी ने इसका पूरी तरह से खंडन किया और इसे निराधार बताया। कांग्रेस नेताओं ने ठाकुर से माफी मांगने की मांग की और राज्यसभा के नेता से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने को कहा।
मल्लिकार्जुन खरगे का जवाब: “झुकूंगा नहीं!”
भाजपा सांसद द्वारा लगाए गए आरोपों पर मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में खड़े होकर जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा, “अगर भाजपा के लोग मुझे डराकर झुकाना चाहते हैं, तो मैं कभी नहीं झुकूंगा। मैं टूट जाऊं, लेकिन झुकूंगा नहीं। याद रखो, मैं डराने से डरने वाला नहीं।” यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष ने फिल्मी अंदाज में दिया, जो कि अल्लू अर्जुन की सुपरहिट फिल्म ‘पुष्पा’ के मशहूर डायलॉग “झुकूंगा नहीं” से प्रेरित था।
खरगे का यह बयान राज्यसभा में गूंज उठा और कांग्रेस के सदस्यों ने उनका समर्थन किया। विपक्ष के नेताओं ने भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि यह आरोप सिर्फ कांग्रेस पार्टी की छवि खराब करने के लिए लगाए गए हैं।
राज्यसभा में हंगामा: विपक्ष ने की माफी की मांग
राज्यसभा में इस मुद्दे को लेकर काफी हंगामा हुआ। कांग्रेस ने आरोपों को पूरी तरह से निराधार और बिना किसी आधार के बताया और भाजपा से मामले की स्पष्टता की मांग की। कांग्रेस के नेता ने अनुराग ठाकुर से माफी मांगने की अपील की और कहा कि इस प्रकार के गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों को सही तरीके से जांचा जाना चाहिए था।
विपक्ष ने कहा कि भाजपा अपनी हार को छिपाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है। कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दे और यह बताएं कि क्या इस आरोप को लेकर कोई सच्चाई है या यह सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाने के लिए फैलाया गया झूठ है।
इस दौरान, खरगे ने यह भी कहा कि भाजपा केवल आरोप लगाने की बजाय अपने शासन के दौरान हुए घोटालों पर सवाल उठाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, “भाजपा अपने अंदर के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है, लेकिन हम इसके आगे नहीं झुकेंगे। हम जनता के सामने सही तथ्यों को लाएंगे।”
फिल्मी अंदाज में खरगे का संदेश
मल्लिकार्जुन खरगे का फिल्मी अंदाज में दिया गया बयान ‘झुकूंगा नहीं’ ने न केवल सदन में माहौल गर्मा दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक नया ट्रेंड शुरू कर दिया। कांग्रेस के समर्थक और कार्यकर्ता इस बयान को लेकर काफी उत्साहित दिखाई दिए, जबकि भाजपा ने इसे एक राजनीतिक रणनीति और खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश के रूप में देखा। खरगे का यह फिल्मी अंदाज विपक्षी राजनीति में एक नया संदेश देने का तरीका बन गया है, जिसमें उन्होंने न केवल भाजपा के आरोपों का कड़ा जवाब दिया, बल्कि अपना आत्मविश्वास और साहस भी व्यक्त किया।
कांग्रेस पार्टी का रुख: आरोप निराधार
कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को लेकर मीडिया से भी बात की और कहा कि भाजपा द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि भाजपा इस तरह के आरोपों के जरिए अपनी विफलताओं को छुपाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का यह मानना है कि जब भाजपा को अपने कार्यकाल में कोई ठोस काम नहीं दिखता, तो वह विपक्षी नेताओं के खिलाफ झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करती है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि भाजपा और नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के सामने कई अहम मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के घटिया राजनीतिक हथकंडे अपनाए हैं। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार को वक्फ भूमि के मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि इस मुद्दे पर सरकार का क्या रुख है।
राज्यसभा में हुए इस हंगामे ने संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। जहां एक तरफ भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष पर आरोप लगाए, वहीं कांग्रेस ने इसे सरकार का दिमागी खेल करार दिया और आरोपों को खारिज किया। यह घटना कांग्रेस और भाजपा के बीच की राजनीतिक लड़ाई को और भी तीव्र कर सकती है।
राज्यसभा के हंगामे के बाद कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया कि वह ऐसे आरोपों से डरने वाली नहीं है। पार्टी ने यह भी कहा कि विपक्ष को संसद में बोलने का पूरा अधिकार है और भाजपा सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संसद का संचालन लोकतांत्रिक तरीके से हो।