उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानपरिषद में एक बार फिर सपा पर जोरदार हमला बोला है। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के पीडीए को लेकर बड़ा बयान दिया और इसके साथ ही उन्हने कहा कि हम तो परंपरागत मुल्ला और मौलवी बनाने की बजाय बच्चों को वैज्ञानिक बनाना चाहते हैं। कठमुल्लापन की संस्कृति नहीं चलेगी। दरअसल वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट सत्र को लेकर सीएम योगी विधानपरिषद को संबोधित कर रहे थे।
‘हम मुल्ला और मौलवी बनाने की बजाय वैज्ञानिक बनाना चाहते हैं’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम तो परंपरागत मुल्ला और मौलवी बनाने की बजाय हम वैज्ञानिक बनाना चाहते हैं। एपीजे अब्दुल कलाम बनें, वैज्ञानिक बने, स्कूलों में फ्री एजुकेशन की व्यवस्था की जा रही है, आधुनिकीकरण किया जा रहा है। ये डबल इंजन की सरकार पैसा उपलब्ध करवा रही है, लेकिन कठमुल्लापन की संस्कृति नहीं चलेगी। सरकार का पहले दिन का संकल्प है। हम हर बच्चे को ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति माने है। कोई भेदभाव नहीं, उत्तम शिक्षा मिले। अच्छी शिक्षा मिले, आधुनिक शिक्षा मिले बिना भेदभाव के मिले, सरकार इस दिशा में कदम बढ़ा रही है। हर प्रकार की सुविधा से आच्छादित करेंगे। लेकिन हमें केवल मुल्ला मौलवी जिसको केवल मजहबी शिक्षा लेनी है, वे वहाँ तक जाये। लेकिन अच्छा साहित्यकार, अच्छा वैज्ञानिक, अच्छा गणितज्ञ, अच्छा चिकित्सक, अच्छा इंजीनियर बनने के लिए आधुनिक शिक्षा भी लेनी पड़ेगी और यह हर व्यक्ति ले सके हर व्यक्ति ले सके इसके लिए सरकार आगे बढ़ रही है।
थारू जनजाति को लेकर विपक्ष पर भड़के सीएम योगी
सीएम योगी ने विधान परिषद में विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए थारू जनजाति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह जनजाति उत्तर प्रदेश-नेपाल सीमा क्षेत्र में निवास करती है, जिसमें महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, गोरखपुर और सोनभद्र जैसे जिले शामिल हैं। उन्होंने विपक्षी सदस्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे प्रदेश की जनजातियों और वंचित वर्गों की वास्तविक स्थिति से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। उन्होंने बताया कि थारू, मुसहर, गोंड और अन्य वंचित जनजातियों के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे, न उनके पास जमीन के पट्टे थे, न राशन कार्ड, न ही मकान। डबल इंजन की सरकार ने इन सभी जनजातियों को मुख्यधारा में लाने का काम किया है।
‘PDA समाजवादी पार्टी का ढोंग है’
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये केवल एक ढोंग है। उन्होंने ने कहा कि वे केवल दिखावे की राजनीति करते हैं। लेकिन मौजूदा सरकार ने बिना किसी भेदभाव के विकास के काम किए.. वे विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं।