देश में लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद पहले चरण के मतदान में कुछ ही दिनों का वक्त बचा हुआ है। मतदान से पहले आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ में भी आज से पहले चरण के मतदान से पहले नामांकन भरे जाएंगे। इसी बीच राजनांदगांव लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी भूपेश बघेल को अपने ही नेताओं का विरोध झेलना पड़ा। राजनांदगांव में आयोजित हुए कार्याकर्ता सम्मेलन के दौरान कांग्रेस नेता सुरेन्द्र दास वैष्णव का दर्द छलक उठा। उन्होंने भरे मंच से ही पूर्व की कांग्रेस सरकार की प्रताड़ना का बखान कर दिया।

दरअसल, सम्मेलन के दौरान मंस से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र दाऊ ने कहा की पूर्व की कांग्रेस सरकार में सबसे ज्यादा प्रतातिड़ हुए है तो कांग्रेस कार्यकर्ता हुए है। सबसे बड़ी बात यह है कि मंच पर खुद भूपेश बघेल मौजूद थे। वैष्णव ने कहा की 5 साल हमारी सरकार रही, मैं डंके की चोट पर कहता हूं की कांग्रेस की सरकार के दौरान एक भी कार्यकर्ता का काम हुआ तो बता दे। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा की मुख्यमंत्री से मिलना तक मुश्किल होता था।

मुझे पार्टी से निष्कासित कर दें

मंच से सुरेंद्र दाउ ने भूपेश बघेल से यह तक कह दिया कि वह मुझे पंच सरपंच और दरी उठाने का जवाबदारी दोगे क्या? क्योंकि जिला और जनपद के चुनाव आने वाले हैं। अगर हमे यह काम दे तो हम उनके लिए काम करने तैयार है। हालांकि उन्होंने भूपेश बघेल की तारीफ करते हुए कहा की आज पूरे देश में किसानों को धान का दाम 3100 रुपए मिल रहा है तो वह भूपेश बघेल के कारण मिल रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने भरे मंच से खुद को पार्टी से निष्कासित करने बात भी कही। उन्होंने कहा की अगर मेरी बातों का बुरा लगा हो तो मुझे पार्टी से निष्कासित कर दें।

बघेल राजनांदगांव से प्रत्याशी

आपको बात दें कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल को कांग्रेस ने राजनांदगांव लोकसभा से प्रत्याशी बनाया है। लोकसभा चुनाव से पहले बघेल को स्थानीय नेताओं की खरी- खरी बाते भूपेश की मुश्किले बढ़ा सकती हैं। स्थानीय नेताओं की नाराजगी अब सार्वजनिक तौर पर दिखने लगी है। जिसका खामियाजा भूपेश बघेल को लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ सकता है।

 

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